रायपुर : चेट्रीचंड्र महोत्सव सिन्धी समाज का प्रमुख पर्व है, जो इस वर्ष 10 अप्रैल को है। यह पर्व सिन्धी समाज बड़े ही धूमधाम से मनाता है, सुबह भगवान झुलेलाल के पूजा पाठ और गरीबों में भंडारा वितरण के पश्चात् शोभायात्रा भी निकाली जाती है। नवरात्रि में माता दुर्गा और गणेश चतुर्थी में जैसे भगवान गणेश विराजित किये जाते है, वैसे ही सिन्धु एकता संघ की पहल से चेट्रीचंड्र महोत्सव पर हर घर में भगवान झुलेलाल भी विराजित होते है।
इसी के परिप्रेक्ष्य में सिन्धु एकता संघ सिंधी समाज रायपुर द्वारा झूलेलाल उत्सव की तैयारियां जोर शोर से की जा रही है, मूर्तियों का निर्माण मूर्तिकार सुरेश प्रजापति द्वारा किया जा रहा है। सिन्धु एकता संघ के संस्थापक सुभाष बजाज और अध्यक्ष चंद्र कुमार माखीजा ने बताया कि सिन्धु एकता संघ द्वारा संत लालदास जी की प्रेरणा व सन्त युधिष्ठिरलाल जी तथा माता साहेब मीरादेवी के आशीर्वाद से लगातार 12 वें वर्ष गणेश उत्सव की तरह झुलेलाल उत्सव मना रहे है। इसके अंतर्गत 6 अप्रैल से घर घर में भगवान झूलेलाल की मूर्ति स्थापना की जायेगी तथा पांच दिन विधि विधान से पूजा अर्चना के पश्चात चेट्रीचंड्र के दूसरे दिन 12 अप्रैल को विर्सजन किया जाएगा।
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सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में झूलेलाल उत्सव को लेकर सिन्धी समाज के लोगों में खासा उत्साह है तथा मूर्ति निर्माण का कार्य भी निरन्तर जारी है। रायपुर शहर के साथ छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र मध्यप्रदेश के भी शहरों में सिन्धु एकता संघ द्वारा साई लालदास जी से जुड़ी हुई स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मूर्तियां निःशुल्क भेजी जा रही है। जिसे भी भगवान झुलेलाल को विराजमान करना हो वह रायपुर के पंजीयन स्थलों में अपनी मूर्ति पंजीकृत करवा लें, पंजीयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जा रहा है। आयोजन का मुख्य उद्वेश्य सिंधी संस्कृति व धर्म का प्रचार तथा समाज के युवाओं को सिंधी समाज की मुख्य धारा से जोड़ना तथा सामाजिक एकता स्थापित करना है, जो केवल सामाजिक सांस्कृतिक व धार्मिक जागरूकता से ही संभव है, जिसके लिए सिंधु एकता संघ निरंतर प्रयासरत है।



