रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य चुनाव के समय महादेव एप के सरगना शुभम सोनी अपने वायरल विडियो के बयान में भूपेश पर बड़े आरोप लगा चुके है। इस लोकसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है, लेकिन उससे पहले ही छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं, भूपेश को राजनांदगांव से लोकसभा चुनाव का टिकट मिला हुआ है। अब भूपेश बघेल के खिलाफ महादेव सट्टा एप मामले में FIR दर्ज की गई है। बघेल के खिलाफ साजिश, जालसाजी और भ्रष्टाचार के मामले में FIR दर्ज हुई है। भूपेश बघेल के अलावा 21 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। यह एफआईआर 4 मार्च को दर्ज की गई थी, लेकिन इसका खुलासा अब हुआ है। ईओडब्ल्यू ने ईडी के दिए आवेदन पर एफआईआर दर्ज किया है। अब इसके बाद भूपेश के चुनाव लड़ने पर खतरे के बादल मंडरा रहे है।
ED के कहने पर दर्ज हुई FIR :
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने ईडी के प्रतिवेदन पर महादेव बुक सट्टा एप के प्रमोटर्स सहित कारोबारियों और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR में साजिश, जालसाजी और भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज किया गया है। इसमें बताया गया कि सिडिंकेट बनाकर महादेव एप के जरिए सट्टे का खेल खिलाया जा रहा था, इसका मुख्य गढ़ भिलाई और दुर्ग है, जबकि इस मामले में खास बात ये है कि महादेव एप पर भूपेश ने ही कार्यवाही की शुरुआत की थी अब वो खुद ही इसकी जद में आ गये है। इसके पहले ईडी ने महादेव एप को लेकर न्यायालय में में बताया था कि महादेव एप के प्रमोटर्स रवि उप्पल, शुभम सोनी, सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल ने विभिन्न लाइव गेम्स में अवैध सट्टेबाजी के लिए ऑफ लाइन सट्टेबाजी के स्थान पर विकल्प के रूप में ऑनलाईन प्लेटफॉर्म का निर्माण कर वाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम जैसे माध्यमों से विभिन्न वेबसाईट के जरिए सट्टा खिलाया।
एप के प्रोमोटर्स को था राजनीतिक संरक्षण :
छोटी – छोटी नवकन्या घर आये , पूरा सुने यह मधुर भजन और हमारे चैनल को सब्सक्राईब करें, इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=8OLfH1w-yBw
महादेव बुक एप के प्रमोटर्स ने ऑनलाईन बैटिंग एप के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही को रोकने के लिए विभिन्न पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीगण तथा प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों का संरक्षण प्राप्त किया गया था। जिसके एवज में उन्हें नियमित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में भारी राशि दी गयी थी। इसी मामले में भूपेश का नाम शुभम सोनी ने लिया था। उक्त अवैध राशि की व्यवस्था एवं वितरण हेतु हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध प्रोटेक्शन मनी वितरण के लिए पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों का भी उपयोग किया गया।
यह प्रोटेक्शन मनी की राशि हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से राशि वितरण करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तक पहुंचती थी, जिसे उनके द्वारा संबंधित पुलिस / प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों को वितरीत की जाती थी। विभिन्न पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए प्रोटेक्शन मनी के रूप में अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करते हुए अवैध संपत्ति अर्जित की गई है।
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस की ईओडब्लू (EOW) और एसीबी (ACB) विंग ने महादेव बेटिंग एप के मालिकों से 508 करोड़ रुपये प्रोटेक्शन मनी लेने के मामले में प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज कर की है।
असीम दास के बयान के आधार पर ईडी ने भूपेश बघेल के खिलाफ दर्ज किया FIR :
संकट दूर करने के लिये संकट मोचन हनुमान जी के हनुमान चालीसा को गुनगुनाने के लिये लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=lv0wP9lOqMs
ईडी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि भूपेश बघेल और उनके सरकार के कई मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को महादेव बेटिंग एप ने करोड़ों रुपये प्रोटेक्शन मनी दिया गया है। ईडी ने चंद्राकर और उप्पल के करीबी असीम दास को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद तीन नवंबर को रायपुर की एक होटल की पार्किंग से गिरफ्तार किया था। जिस दौरान असीम दास की गाड़ी और घर से पौने तीन करोड़ रुपये बरामद किए थे। असीम ने बयान में कहा कि वो ये पैसे किसी भूपेश बघेल को देने आया था। इसी दौरान दास ने यह खुलासा किया था कि वो अबतक 508 करोड़ रुपये भूपेश बघेल को पहुंचा चुका है। इसी आधार पर भूपेश बघेल के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। अब इस मामले भूपेश जेल भी जा सकते है।



