रायपुर : GST ने जहाँ महंगाई बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जिसका खामियाजा हर आम आदमी भुगत रहा है, वहीँ सरकार लगातार लोगों से कर संग्रह के लिये कुछ ना कुछ नया करने में लगातार लगी हुई है, वहीँ बीते 5 साल में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने शराब के शौकीनों की जेब पर बड़ा डाका डाला, वहीँ अब शराबियों के लिये फिर से वही मुसीबत खड़ी हो गई है।
अब राज्य शासन ने शराब की हर बोतल, अद्धी और पौवा पर देशी-अंग्रेजी शराब के लिए अधोसंचरचना विकास शुल्क तय कर दिया है। देशी मदिरा (मसाला एवं प्लेन के लिए) बोतल पर 80 रुपए, अद्धी पर 40 और पौवा पर 20 रुपए देने होंगे। इसी तरह विदेशी मदिरा (स्प्रिट) 1000 मिली. तक की बोतल के लिए 120 रुपए, 767 मिली के लिए 80 रुपए, 383 मिली से कम, लेकिन 246 मिली. वाली शीशी के लिए 40 रुपए और 191 मिली. से कम, लेकिन 142 मिली वाली छोटी शीशी के लिए 20 रुपए देने होंगे। विदेशी मदिरा (माल्ट के लिए) 767 मिली. से अधिक, लेकिन 495 मिली से कम के लिए 20 रुपए और 383 मिली. ले कम, लेकिन 246 मिली. से अधिक के लिए 10 रुपए प्रति शीशी देने होंगे। इससे फिर से एक बार शराबियों के शौक पर सरकार ने फिर से जेब ढीली करने को मजबूर कर दिया है।
एक ग्राहक को एक बोतल, रहेगी कैमरे की नजर :
वहीँ शराबियों के लिये दोहरी मार लगी है, दाम बढ़ाने के साथ आबकारी विभाग ने शराब बिक्री के लिए हर खरीदार के लिए मात्रा भी तय कर दी है। देशी या विदेशी मदिरा दुकानों से एक व्यक्ति को एक बार में देशी अथवा विदेशी मदिरा (संप्रट/माल्ट) की केवल एक बोतल अथवा 2 अद्धी अथवा 4 पौवा का ही विक्रय किया जायेगा। साथ ही देशी, विदेशी (प्रीमियम)/ कंपोजिट मदिरा दुकानों पर आवश्यकता अनुरूप सीसीटीवी कैमरे स्थापित किया जाना अनिवार्य होगा। जिससे बिक्री पर नजर राखी जायेगी।
पिछली सरकार ने भी लागू किया था शुल्क :
राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2022-23 की आबकारी नीति में कोविड – 19 महामारी के फैलाव के विरुद्ध अधोसंरचना उन्नयन के लिए राशि की प्रतिपूर्ति के लिए देशी मदिरा के फुटकर विक्रय दर पर प्रति नग 10 रुपए की दर से विशेष आबकारी शुल्क अधिरोपित किया गया था। इसके साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए वित्त पोषण के लिए न्यूनतम ड्यूटी दर की विदेशी मदिरा तथा सभी प्रकार की बीयर के प्रति नग पर 10 रुपए दी दर से तथा विदेशी मदिरा के प्रति नग पर 20 रुपए की दर से अतिरिक्त आबकारी शुल्क अधिरोपित किया गया था। इससे भी शराब की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी।
इस साल 672 दुकानें संचालित :
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छत्तीसगढ़ की राजनीति में शराबबंदी एक बड़ा मुद्दा रहा है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के अलावा पिछले विधानसभा चुनाव में शराबबंदी कोई मुद्दा नहीं रहा। इसी तरह लोकसभा चुनाव आने तक शराब पर कोई राजनीतिक दल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीँ रमन के राज में शराब को ठेकेदारी प्रथा से हटाकर सरकारी तौर बेचना शुरू कर दिया था। खास बात ये है कि वर्ष 2023-24 में राज्य में 670 शराब दुकानें संचालित किए जाने के साथ ही बड़े जिलों में प्रीमियम शराब दुकानें संचालित करने की अनुमति दी गई थी। राज्य शासन ने 2024-25 के लिए निर्णय लिया है कि इस वित्तीय वर्ष में 672 मदिरा दुकानें चलाई जाएंगी। जरूरत के हिसाब से प्रीमियम शराब दुकानें संचालित करने की अनुमति दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि इस साल कोई भी शराब दुकान बंद नहीं की जायेगी। वहीँ आने वाले समय शराब दुकानों को धीरे-धीरे बंद करने का निर्णय भी सरकार ले सकती है। सरकार के राजस्व आय का यह एक प्रमुख जरिया भी है।
कितनी मात्रा पर कितना शुल्क :
विदेशी मदिरा (स्प्रिट)
■ 1000 मिली-120 रुपए
■ 767 मिली-80 रुपए
■ 383 मिली 40 रुपए
■ 246 मिली – 40 रुपए
■ 191 मिली 20 रुपए
■142 मिली – 20 रुपए



