बीजापुर। बीजापुर से एक शर्मनाक घटना सामने आई है , जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो आम आदमी न्याय मांगने कहाँ जाये? जिले के एक बालिका गृह में नाबालिग लड़की के साथ पुलिसकर्मी आपत्तिजनक हालत में मिला। बालिका गृह की अधीक्षिका ने 39 साल के पुलिसकर्मी को 16 साल की नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाते पकड़ लिया और फिर उन्होंने मामले की शिकायत थाने में की, जिसके बाद मामला कोर्ट में पहुंच गया। अब दंतेवाड़ा की फास्ट ट्रैक (FTC) कोर्ट ने आरोपी को 10 साल जेल की सजा सुना दी है।

यह मामला साल 2019 का है। बीजापुर जिले के एक बालिका गृह में 16 साल की नाबालिग बालिका को शादी का झांसा देकर 39 साल का पुलिसकर्मी राजेश सेंड्रा शारीरिक संबंध बना रहा था। जिसे बालिका गृह की अधीक्षिका ने देख लिया था और फिर उन्होंने मामले की FIR करवाई। दंतेवाड़ा में विशेष न्यायाधीश शैलेष शर्मा की अदालत ने विभिन्न धाराओं में आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की उम्र घटना के वक्त सिर्फ 16 साल की थी, जो बहकने की उम्र है।
कोर्ट का कहना है कि, पुलिसकर्मी ने एक नाबालिग पीड़िता को विवाह करने के लिए मजबूर किया था। कोर्ट ने कहा कि अपने से आधे उम्र से भी कम लड़की के साथ इस तरह का कृत्य निश्चित रूप से आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है। इस तरह से यदि पुलिस कर्मी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जायेगा, तो इससे पूरे समाज का संतुलन बिगड़ जाएगा और लोगों की कानून के प्रति आस्था में भी कमी आएगी। इसलिये ऐसे कृत्य सही नहीं है, और आरोपी को 10 साल की सजा सुना दी गई।