रायपुर : भाजपा द्वारा लगातार कांग्रेस के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल किया जा रहा है और उन्हें लोकसभा का टिकट भी दिया जा रहा है। वहीँ लोकसभा चुनाव से पहले ट्विटर वार भी शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर सियासी वार-पलटवार होता हुआ नजर आ रहा है। इसी बीच पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने पोस्ट के जरिए भाजपा को भ्रष्टाचारी जुटाओ पार्टी बता दिया है। उन्होंने कहा कि, भाजपा सत्ता के लालच में भ्रष्टाचारियों पर फूल बरसा रही है। भाजपा वाशिंग मशीन नहीं, लॉन्ड्री सर्विस निकल रही है। कांग्रेसी नेताओ को भाजपा में शामिल करने पर पार्टी के कई कार्यकर्ता भी लगातार नाराज रहते है। उनका कहना है सालों से हम पार्टी में काम कर रहे है, लेकिन टिकट बाहरी नेताओं को दिया जा रहा है।
बता दें, विधानसभा चुनाव में भाजपा के राजेश अग्रवाल और टीएस सिंहदेव का मुकाबला था। लेकिन मतगणना के बाद सिंहदेव अंबिकापुर सीट से हार गए थे। राजेश अग्रवाल ने सिंहदेव को 94 वोटों से हराया था। दरअसल, 2008, 2013 और 2018 में टीएस सिंहदेव ने भाजपा के अनुराग सिंह को हरा दिया था। इसके बाद भाजपा ने राजेश अग्रवाल पर भरोसा किया है।
दुनिया ने ईवीएम को त्याग दिया है :
टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, दुनिया ने ईवीएम मशीन को त्याग दिया है। सिर्फ 16 देश ऐसे हैं, जो ईवीएम मशीन को इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन यहां पर तो ईवीएम मशीन के चलते चुनाव के प्रक्रिया प्रश्न चिन्ह उठता हुआ नजर आ रहा है। ईवीएम मशीन बनाने वाले कंपनी के बोर्ड आफ डायरेक्टर में काम करने वाले कई लोग भाजपा से जुड़े हुए नहीं हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि ईवीएम बनाने वाली एक कंपनी का लाइसेंस रद्द हो गया है। इसके अलावा 20 लाख ईवीएम मशीन का कोई अता-पता नहीं है। वहीँ कांग्रेस लगातार मतपत्रों से चुनाव कराने की बात कह रही है।
ईवीएम का मुद्दा उठाना उचिन नहीं :
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जानकारी के मुताबिक, 2023 में हार के बाद जब टीएम सिंहदेव से पूछा गया था कि, जनता ने हराया या फिर ईवीएम की वजह से हारे…इस पर उन्होंने कहा था कि, ईवीएम का मुद्दा उठाना उचित नहीं है। मैं ईवीएम के पक्ष में इसलिए नहीं हूं क्योंकि विकसित देशों ने इस प्रणाली को त्याग दिया है। वहीँ चुनाव के समय राजनीति का अनिवार्य अंग है वॉर – पलटवार।



