लखनऊ (उ.प्र.) : माफिया मुख्तार अंसारी के जनाजे में हजारों की संख्या में मुस्लिम शामिल हुये थे, मुख़्तार एक कुख्यात अपराधी था। वहीँ अब इस मामले में माफिया मुख्तार अंसारी की हमदर्दी में समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं। इस पोस्टर पर मुख्तार अंसारी के साथ समाजवादी पार्टी के नेता राम सुधाकर यादव की तस्वीर लगाई गई है। इस पोस्टर में लिखा गया है कि मुसलमान भाई इस बार ईद नहीं मनाएं। वे मुख्तार अंसारी के लिए दुआ मांगे। उनके इस होर्डिंग के बाद बवाल मच गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विडियो :
इस पोस्टर में जिस राम सुधाकर यादव के नाम से यह अपील की गई है वह मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के पूर्व प्रदेश सचिव रह चुके हैं। समाजवादी पार्टी के दफ्तर पर लगा यह पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राम सुधाकर यादव ने मुसलमानों से कहा कि वे ईद के दिन ईदगाह पर मौन रखें। राम सुधाकर यादव ने अपने इस पोस्टर में कुख्यात अपराधी के समर्थन में अपनी हमदर्दी जताई है।
28 मार्च को हुई थी मुख्तार अंसारी की मौत :
विभिन्न मामलों में जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की 28 मार्च को मौत हो गई थी। देर शाम बांदा जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद मुख्तार अंसारी को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी। माफिया मुख्तार अंसारी पर 60 से ज्यादा मामले दर्ज थे। उत्तर प्रदेश की विभिन्न अदालतें सितंबर 2022 से उसे आठ मामलों में सजा सुना चुकी हैं। मुख्तार अंसारी मऊ सदर सीट से पांच बार विधायक रहा है। अंसारी के परिवार के सदस्यों ने उसकी मौत के कारणों पर संदेह जताते हुए दावा किया था कि उसे जेल के अंदर ‘धीमा जहर’ दिया गया था। हालांकि प्रशासन ने इस आरोप को गलत बताया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश दिया है। परिजनों ने मुख़्तार की मौत को साजिश बताया है।
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वहीँ दूसरी तरफ, मुख्तार अंसारी के पक्ष में टिप्पणी पोस्ट करने के आरोप में राजधानी लखनऊ और चंदौली जिलों में तैनात पुलिस के दो सिपाहियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। लखनऊ में बख्शी का तालाब थाने में तैनात सिपाही फैयाज खान ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अंसारी की हिमायत में कुछ टिप्पणियां की थीं और विगत 28 मार्च को हुई उसकी मौत के कारणों को लेकर संदेह भी जताया था। फैयाज की पोस्ट वायरल होने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्यवाही करते हुए उसे मौजूदा तैनाती से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। वहीँ इस मामले में भी नियमानुसार कार्यवाही की गई है।
मुख्तार को मसीहा बतानेवाला पुलिसकर्मी निलंबित :
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चंदौली में भी पुलिस लाइन में तैनात एक अन्य कांस्टेबल आफताब आलम ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अंसारी के पक्ष में लिखा और उसे “मसीहा” करार दिया था। चंदौली के अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही आफताब आलम ने ऐसा करके प्रदेश पुलिस की सोशल मीडिया नीति और राज्य सरकार के आचरण नियमों का उल्लंघन किया है। इस वजह से उसे पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू की गई है। इस मामले में लगातार कई लोग अपनी विविध प्रतिक्रिया दे रहे है, वहीँ इस मामले में अपराधी का पक्ष लेने पर भी सवाल उठ रहे है।



