रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में आंधी, बारिश और तूफान के संकेत, इस बार की गर्मी को लेकर सामने आई ये खास जानकारी….।

रायपुर : राजधानी में पिछले पांच दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है और ठंडी हवा से मौसम भी खुशनुमा बना हुआ है। वहीँ आंधी तूफ़ान भी अचानक शुरू हो रहे है। अप्रैल के महीने में पड़ने वाली चिलचिलाती धूप और गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। बदले मौसम की वजह से अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे में 12 डिग्री की गिरावट आई है। नमी भी बढ़कर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसकी वजह से घरों और दफ्तरों में एसी, कूलर बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी छत्‍तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर अंधड़, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इसके बावजूद तापमान में वृद्धि का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश में निचले वायुमंडल में नमी का प्रवेश हो रहा है, जिसकी वजह से ठंड लग रही है। वहीँ अभी तक मौसम साफ़ होने के संकेत नहीं दिख रहे है।

जानिए छत्‍तीसगढ़ के शहरों में कितना रहा तापमान :

रायपुर में बुधवार को आधी रात से तेज हवा के साथ हल्की बारिश होती रही। गुरुवार रूककर बूंदाबांदी को भी यहां रूक हुई। यहां 40 फीसदी बादल थे। पिछले 24 घंटे में रायपुर में करीब एक सेंटीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्थानों का तापमानस्थान – अधिकतम – न्यूनतम :

रायपुर – 36.3 – 22.7
माना – 36.0 – 22.2
बिलासपुर – 35.8 – 23.8
पेंड्रारोड – 35.1 – 20.2
अंबिकापुर – 35.0 – 21.4
जगदलपुर – 36.0 – 23.2
दुर्ग – 35.6 – 20.2
राजनांदगांव – 38.0 – 20.5

इस वजह से बदला रायपुर का मौसम :

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मौसम विभाग के अनुसार एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर स्थित है। यहीं से एक द्रोणिका, हवा की अनियमित गति तटीय कर्नाटक तक है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी बिहार के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में नमी का आगमन लगातार हो रहा है। 12 अप्रैल को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना भी है। वहीं गरज-चमक के साथ अंधड़ तथा वज्रपात की भी संभावना है। अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी का दौर शुरू होने की संभावना है, इसमें लगभग तीन दिन का समय लग सकता है।

इस बार सामने आई मानसून को लेकर यह खास जानकारी :

इस बार देश को ज्यादा लंबी गर्मी नहीं झेलनी पड़ेगी। इस बार मानसून समय से पहले आने की उम्मीद हैं। हालांकि मौसम विभाग (आईएमडी) ने फिलहाल भविष्यवाणी नहीं की है, लेकिन आईएमडी के विशेषज्ञों के मुताबिक इंडियन ओशन डायपोल (आईओडी) और ला नीना के एक साथ सक्रिय होने से इस साल मानसून जल्द ही दस्तक दे सकता है। आईएमडी इस महीने के अंत में मानसून का पूर्वानुमान जारी करेगा। बन रही स्थिति के अनुसार इस बार देश में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख एक जून है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आईओडी और ला नीना की सीमावर्ती घटनाएं देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ मजबूत मानसून सिस्टम बना रही हैं।

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अनुमान है कि इनकी परस्पर गतिशीलता दक्षिण-पश्चिम मानसून को प्रभावित करेगी। इस दौरान शोधकर्ताओं को गतिशील मॉडल को परिष्कृत करने और बारिश से संबंधित सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए डेटा इकट्ठा करने का मौका मिलेगा। अधिकांश मौसम मॉडल भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर सकारात्मक आईओडी चरण के संकेत दे रहे हैं, जो प्रशांत क्षेत्र में ला नीना के गठन के साथ मेल खाता है। इन घटनाओं का एक साथ अस्तित्व दर्शाता है कि ये कारक जुलाई से सितंबर तक अनुभव किए जाने वाले मानसून के प्रभाव को बढ़ा सकते हैं। यानी इस दौरान झमाझम बारिश हो सकती है।