शराब घोटाले में ईडी के बाद अब ईओडब्‍ल्‍यू और एसीबी के छापे, लाखों नगद और करोड़ों के गहनों के साथ, कई जमीनों के कागजात बरामद।

रायपुर :  छत्‍तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगे 2000 करोड़ के शराब घोटाले के आरोप बड़ी कार्यवाही की गई है। गुरुवार की शाम छापेमारी के बाद ब्यूरो ने प्रेस रिलीज जारी किया है, जिसमें उन्होंने पूरी जानकारी दी है। एजेंसी ने कुल 21 स्थानों पर छापेमारी की है। जिनमें राजधानी रायपुर में 9, दुर्ग भिलाई में 7, राजनांदगांव में 1 तथा बिलासपुर में 4 स्थानों पर छापामार कार्यवाही की गई है। 

एजेंसी ने आगे बताया कि, 19 लाख रुपए नकदी और इलेक्ट्रानिक उपकरण जैसे- लैपटॉप, पेन ड्राइव, बैंक स्टेटमेंट, चल- अचल सम्पत्ति संबंधी दस्तावेज, करोड़ों के आभूषण, बैंक में करोड़ों के निवेश के अलावा अनेक अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये गए हैं, जिनका परीक्षण अब एजेंसी करेगी। इन दस्तावेजों में आबकारी से अर्जित अवैध संपत्ति के सामान्य निवेश और शेल कंपनियों के माध्यम से लेयरिंग, अनसिक्योर्ड लोन एवं निवेश संबंधी दस्तावेज शामिल हैं। मामले में अलग-अलग जांच एजेंसियां लगातार कार्यवाही कर रही है।

शराब के इस मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है :

इस मामले की पहले ईडी जांच कर रही थी, लेकिन अब ईओडब्‍ल्‍यू और एसीबी ने FIR दर्ज कर जांच कर रही है। एजेंसी ने इस मामले में जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी ने शराब घोटाले में अभी तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें अरविंद सिंह और रायपुर केमहापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर का नाम शामिल हैं। इस मामले में अरुणपति त्रिपाठी को लेकर तीसरी गिरफ्तारी की गई है। मामले में साक्ष्य के आधार पर लगातार गिरफ्तारियां जारी है।

भिलाई में एक साथ दो जगहों पर छापेमारी :

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एजेंसी ने भिलाई में एक शराब कारोबारी सहित 2 लोगों के यहां छापेमारी की है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो ईओडब्‍ल्‍यू और एसीबी की टीम ने आज सुबह ही न्‍यू खूर्सीपार और नेहरु नगर में छापा मारा है। खुर्सीपार में पप्पू बंसल और नेहरू नगर पूर्व निवासी रहे विजय भाटिया के यहां कार्यवाही चल रही है। पप्पू  बसंल की लंबे समय से तलाश चल रही थी। इस मामले में एजेंसी पहले ही कारोबारी अरविंद सिंह और अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर चुकी है। कोर्ट के निर्देश पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो भिलाई में छापा यह अरविंद सिंह और अनवर ढेबर से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर मारा गया है। उसी आधार पर छापे की जानकारी मिली है।

कारोबारी अनवर और अरविंद पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार :

दो हजार करोड़ के शराब घोटाले के आरोप में गिरफ्तार रायपुर महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर और अरविंद सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब इस मामले में 12 अप्रैल तक दोनों ईओडब्‍ल्‍यू और एसीबी की हिरासत में रहेंगे। दोनों आरोपियों की रिमांड की मियाद पूरी होने पर एजेंसी ने दोनों को 8 अप्रैल को रायपुर के स्‍पेशल कोर्ट में पेश किया था। एजेंसी ने आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड बढ़ाने की मांग की थी जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था।

आबकारी विभाग के पूर्व सचिव अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार :

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छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार को आबकारी विभाग के पूर्व सचिव अरुणपति (एपी) त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। त्रिपाठी, बिहार के गोपालगंज के भोरे में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपे थे। गोपालगंज के एसपी स्वर्ण प्रभात ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। रायपुर से गई टीम त्रिपाठी को लेकर देर शाम रायपुर आ गई है। साथ ही उनसे पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। त्रिपाठी दो महीने पहले ही जेल से छूटे थे। त्रिपाठी से पूछताछ की जायेगी, जिसके बाद कुछ नामों का खुलासा हो सकता है, पूर्व मुख्यमंत्री भी चुनाव के बाद इस जद में आने की सम्भावना है।