रायपुर : नशे के सामानों की तस्करी आमतौर पर पंजाब , ओड़िसा , महाराष्ट्र से होती है, जिसका परिवहन छत्तीसगढ़ से होता है, क्यूंकि यही क्षेत्र इन सबको जोड़ता है, जिसके कारण अधिकतर नशे के सौदागर राजधानी में पकड़ाते है। रेलवे स्टेशन में लोकसभा चुनाव को लेकर जांच का दायरा महीनेभर से आरपीएफ और जीआरपी ने बढ़ा दिया है। इस वजह से गांजा तस्करों की गिरफ्तारी स्टेशन में इन दिनों काफी बढ़ गई है। वहीँ आचार संहिता लगने के बाद रायपुर और बिलासपुर से अब तक 1 करोड़ से अधिक का गांजा जब्त किया जा चुका है। पहली बार चुनाव के दौरान आरपीएफ ने इतनी मात्रा में गांजा पकड़ा है। आरपीएफ का कहना है कि गांजा तस्करों ने अब ट्रेन में सफर करने का तरीका बदल दिया है। इस वजह से उन्हें पकड़ना भी थोड़ा मुश्किल हुआ है। अगर किसी रसूखदार पर हाथ डाल दिया जाता है तो दिक्कत खड़ी हो जाती है।
पहले गांजा तस्कर जहाँ स्लीपर कोच में सफर करते थे तो उनके चेहरे और पहनावा देखकर ही संदेह हो जाता था, लेकिन अब तस्कर एसी में सफर करने लगे हैं। अच्छे कपड़े और महंगे-महंगे फोन का भी इस्तेमाल करते हैं, ताकि किसी को शक न हो। महीनेभर में दर्जन से अधिक कार्यवाही हुई है, जिसमें ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि तस्कर जिस जगह पर बैठते हैं, अपना सामान वहां नहीं रखते। वे दूसरी जगह पर बैठते हैं। आरपीएफ तस्करों को पकड़ने में माहिर हो चुके जवानों को ट्रेनों में जांच के लिए भेज रही है, ताकि तस्करों को आसानी से पकड़ा जा सके। जिसका नतीजा ये हो रहा है कि तस्कर लगातार आरपीएफ के हत्थे चढ़ रहे है।
ट्रेनों से 500 किलो का गांजा जब्त :
आरपीएफ ने महीनेभर के बीच ट्रेनों से अभी तक 500 किलो से अधिक का गांजा जब्त कर चुकी है, जिसकी कीमत 1 करोड़ से अधिक है। सप्ताह में 2 से अधिक तस्करों को पकड़ने में आरपीएफ को सफलता मिल रही है। बिलासपुर से अधिक गांजा रायपुर रेलवे स्टेशन से जब्त किया गया है। चुनाव में जांच का दायरा बढ़ाने का फायदा मिल रहा है। चुनाव को लेकर दिन और रात के समय में यात्रियों के सामान की जांच की जा रही है। आचार संहिता के चलते हर जगह जांच जारी है, बस स्टैंड, हो या रेलवे सभी जगह प्रशासन चौकन्ना है।
इस तरह हुई कार्यवाही :
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5 अप्रैल को आरपीएफ आईजी की फटकार के बाद आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने रायपुर रेलवे स्टेशन से 10 लाख से अधिक का गांजा पकड़ा। इसके बाद मंडल टास्क टीम और आरपीएफ – पोस्ट दुर्ग ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को68 किलो 250 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। इसकी कीमत 13 लाख 65 हजार रुपये आंकी गई थी। दो दिन पहले जीआरपी ने रायपुर रेलवे स्टेशन से करीब 16 लाख रुपए के गांजे के साथ 3 तस्करों को गिरफ्तार किया था। यह पूरी कार्यवाही सप्ताहभर में हुई है। 1 अप्रैल को बिलासपुर में गांजे की तस्करी कर रहे दो लोगों को आरपीएफ ने पकड़ा है। आरोपियों के पास से 4.80 लाख कीमत का 24 किलो गांजा जब्त किया गया है। राजधानी की गली-गली में गांजा बिक रहा है।
तस्कर आरपीएफ को दे रहे पैसों का ऑफर :
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तस्करों को पकड़ने आरपीएफ विशेष अभियान चला रही है, जिसमें महीनेभर के भीतर में आरपीएफ ने एक ऐसे तस्कर को पकड़ा, जो पहले भी तस्करी करता हुआ गिरफ्तार हो चुका था। सूत्रों के मुताबिक ट्रेन में पकड़े जाने पर तस्कर जवानों को छोड़ने के लिए लाख रुपए तक का ऑफर दे रहे हैं। मुखबिर की मदद से लगातार स्टेशन और प्लेटफार्म पर कार्यवाही जारी है। आरपीएफ कमांडेट संजय गुप्ता ने बताया कि, रायपुर और बिलासपुर में आचार संहिता लागू होने के बाद 1 करोड़ से अधिक का गांजा जब्त किया जा चुका है। तस्करों ने ट्रेन में सफर करने का तरीका बदल दिया है, जिससे मुश्किल थोड़ी बढ़ी है। कुछ तस्कर एसी कोच से भी पकड़े गए हैं। इसके अलावा एक तस्कर दोबारा तस्करी करते गिरफ्तार किया गया है।



