मेरठ (उ.प्र.) : सड़क पर नमाज को लेकर कई बार बवाल मचता रहा है, कई बार सवाल उठाये जाते है कि जब मस्जिद में नमाज की जाती है तो सड़क पर नमाज क्यूँ? इस मामले में कई बार बवाल भी हो चूका है। सड़क पर नमाज के चलते विरोध में कई बार सड़क पर हनुमान चालीसा भी पढ़ी गई है, पहले सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ नहीं किया जाता था, लेकिन अब ये सब लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वहीँ ईद के दिन मेरठ में सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर फिर बवाल हो गया। खबर के अनुसार ईद-उल-फितर पर मेरठ की शाही ईदगाह सहित शहर की तमाम मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई थी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किये गये थे। शाही ईदगाह में सड़क पर नमाज पढ़ने से रोकने पर नमाजियों और पुलिस के बीच नोंकझोंक हुई। कुछ नमाजियों ने पुलिस का विरोध करते हुए धार्मिक नारे भी लगाने शुरू कर दिए। जिससे विवाद खड़ा हो गया।
नमाज का समय होते ही हजारों की संख्या में नमाजी शाही मस्जिद पहुंचने लगे। मस्जिद में जगह न मिलने पर नमाजी सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए दरियां बिछाने लगे। पुलिस की तरफ से नमाजियों से अन्य मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ने का अनुरोध किया जाता रहा। पुलिस ने नमाजियों को सड़क पर बैठने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। शाही ईदगाह में सड़क पर नमाज पढ़ने से रोकने पर नमाजियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई थी। घटना के अगले दिन यानी 12 अप्रैल को रेलवे रोड थाने के पुलिस उपनिरीक्षक रामअवतार सिंह की तहरीर पर 100 – 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को दी गयी तहरीर में कहा गया है कि पुलिस द्वारा मना किए जाने के बावजूद भी अज्ञात नमाजियों ने सड़क पर नमाज अदा की जिससे सड़क पर यातायात अवरुद्ध हो गया। जिससे यातायात में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
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पुलिस द्वारा इस मामले में धारा 143, 186, 188, 283 और 341 में मामला दर्ज किया गया है। एएफआईआर के अनुसार सब इंस्पेक्टर रामअवतार सिंह ने बताया कि उनकी ड्यूटी शाही ईदगाह पर ईद-उल-फितर के त्यौहार को सकुशल संपन्न कराने हेतु लगाई गई थी। तभी शाही ईदगाह पर ईद-उल-फितर की नमाज मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अदा की गई थी, नमाज अदा करने से पूर्व कुछ अज्ञात व्यक्ति नमाज पढने के उद्देश्य से सड़क के किनारे रोड पर बैठ गए, जिन्हें शांति पूर्ण तरीके से समझा-बुझाकर हटा दिया गया था।
शाही इमाम ने कहा ऐसा :
शाही ईदगाह में कारी शफीकुर्रहमान ने नमाज अदा कराई। इस दौरान उन्होंने देश के हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान किराएदार नही है, वह साझेदार है। हमारा देश हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के लिए जाना जाता है। पिछले दस सालों से ऐसा माहौल बना हुआ है, जिससे भाईचारा कम होता जा रहा है। जो मुल्क में हो रहा है, वह ठीक नहीं है। हिंदुस्तान का भाईचारा मिटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह मिटने वाला नहीं है। वहीँ दूसरी तरफ कारी शफीकुर्रहमान ने मुसलमानों से लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर किसी एक प्रत्याशी को अपना वोट देने की अपील की।
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