रायपुर : 5 अप्रैल को भारत माता चौक के पास बिजली विभाग के सब डिवीजन कार्यालय के गोदाम में रखे ट्रांसफार्मर में अचानक तेज धमाका हुआ था और उसमें भीषण आग लग गई थी। गोदाम में रखे लगभग 1500 ट्रांसफार्मर जलकर खाक हो गए थे। गोदाम में लगभग 6000 ट्रांसफार्मर रखे हुए थे। घटना के बाद बिजली विभाग कार्यालय में लगी आग से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी, कई लोग आसपास के रहवासी तीन दिन तक गर्मी और आग परेशान रहे थे। अब खबर है कि बिजली कंपनी के गुढ़ियारी स्थित क्षेत्रीय भंडार में अग्निकांड की जांच रिपोर्ट सरकार को पेश करने की समय सीमा शुक्रवार को सात दिन पूरे होने के बाद 15 कार्य दिवस बढ़ाने का निवेदन जांच समिति ने किया गया था, जिसे कंपनी प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, आग से जनहानि रोकने व निकट बस्तियों के निवासियों की निजी संपत्तियों को बचाने में मिली सफलता की सराहना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित जनप्रतिनिधियों ने की है।
अब सामने आई जानकारी के अनुसार छह सदस्यीय जांच समिति ने निचले स्तर के अधिकांश कर्मचारियों, चौकीदार, चपरासी आदि का अब तक बयान लिया है। वहीं भंडारगृह का प्रभार संभालने, रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वालों से कोई पूछताछ नहीं की है और न ही कितने करोड़ का नुकसान हुआ है, इसका आंकलन हो पाया है, जबकि कार्यालय में ऑनलाईन सारे नए व पुराने उपकरणों की संख्या मौजूद है। बताया गया है कि घटनास्थल के निकट 132 केवी उपकेंद्र है, जहां आग पहुंचने से बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था। गनीमत रही की घटना ने गंभीर रूप नहीं लिया, अन्यथा बड़ी जनहानि भी हो सकती थी।
जिम्मेदारों पर होगी कठोर कार्यवाही :
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मामले में राजनैतिक साजिश अथवा घोटाले की बात भी सामने आ रही है, लेकिन किसी बात का कोई मुख्य बिंदु नहीं है। दयानंद छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रदेश के ऊर्जा सचिव पी. दयानंद ने कहा है कि दुर्घटना के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। आज तक इतनी बड़ी भयानक घटना नहीं हुई है। जांच समिति ने इस मामले में अपनी जांच तत्काल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा है कि दुर्घटना को लेकर कतिपय स्वार्थी तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाए जाने की जानकारी भी मिल रही है जो सही नहीं है। दुर्घटना के कारण और क्षति को जांच पश्चात् ही बताया जा सकता है। बचाव, पुनर्वास प्रबंधन में कोई कोताही सामने नहीं आई है। यह घटना कैसे हुई और इसके नुकसान को लेकर अभी तक कुछभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।



