पाकिस्तानी जेल में बंद सरबजीत को मारने वाले सरफराज तांबा की हुई हत्या, सामने ये घटना….।

भारत/पाकिस्तान : क्या आपको याद है वो सरबजीत सिंह, जिसकी पाकिस्तान बड़ी ही मुश्किल से रिहाई करने वाला था और उसकी मौत की खबर आई थी? जिसकी हत्या पाकिस्तान की जेल में कर दी गई थी। अब सरबजीत सिंह की हत्या करने वाले शख्स अमीर सरफराज तांबा को भी अज्ञात बंदूकधारियों ने घर में घुसकर गोली मार दी है और उसे मौत के घाट उतार दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, अमीर सरफराज तांबा लाहौर के इस्लामपुरा क्षेत्र में रहता था, जहां मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उसके घर में घुसकर गोलियां बरसा दी है। सरफराज को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। अब पाकिस्तान पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।

अमीर सरफराज तांबा की इस हत्या पर सरबजीत सिंह की बेटी स्वप्नदीप कौर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि पहले तो इस खबर से उन्हें संतुष्टि महसूस हुई, लेकिन फिर मैंने सोचा कि यह न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि हम ये पता लगाना चाहते थे कि मेरे पिता की हत्या क्यों हुई। सरबजीत सिंह बेटी की मानें तो अमीर सरफराज तांबा की हत्या के पीछे पाकिस्तान सरकार का हाथ है। सरबजीत सिंह की बेटी ने कहा कि अगर मेरे पिता की हत्या में तीन या चार लोग शामिल थे, तो यह वही पाकिस्तान सरकार है जो उस समय हुई साजिश को छुपाने के लिए तांबा की हत्या कर इसे ढँक रही है।

हाफिज सईद का करीबी था सरफराज :

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सरबजीत सिंह की हत्या करने वाले अमीर सरफराज को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का नजदीकी माना जाता था। सरफराज को ‘लाहौर के असली डॉन’ के नाम से जाना जाता था। सरफराज पाकिस्तान में कई संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था और और सरकार और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त था। 26 अप्रैल, 2013 को लाहौर की कोट लखपत जेल में कैदियों ने सरबजीत पर हमला कर दिया था। जिसके बाद 1 मई को उन्हें ब्रेन डैड घोषित कर दिया गया था। इसके अगले दिन उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में साल 2018 में एक अदालत ने आरोपी अमीर सरफराज तांबा और मुदस्सर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। 

सरफराज के भाई ने बताया पूरा घटनाक्रम :

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FIR में सरफराज के भाई जुनैद ने पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार जिक्र किया है। जुनैद ने बताया कि जिस समय अज्ञात बंदूकधारी घर में घुसे, तब वह अपने भाई सरफराज के साथ घर में मौजूद था। जुनैद ने बताया कि वो ग्राउंड फ्लोर पर था, जबकि अमीर सरफराज ऊपर वाले फ्लोर पर था। दोपहर में करीब 12.40 बजे पर 2 अज्ञात लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर उसके घर पहुंचे। इसमें से एक व्यक्ति ने हेलमेट पहना था और दूसरे व्यक्ति ने मास्क लगाया था। दोनों ने घर में घुसते ही अमीर सरफराज पर 3 गोलियां चलाई और फरार हो गए। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पकिस्तानी आरोप लगा रहे है, जबसे मोदी सरकार सत्ता में आई है, तबसे हमारे अज्ञात लोगों को मार रहे है, ये संयोग है या कुछ और?

1990 में गलती से पाक चला गया था सरबजीत :

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भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को पाकिस्तान ने जासूसी का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया था। सरबजीत 30 अगस्त 1990 को गलती से पाक सीमा में चला गया था, उस समय बाउंड्रीवाल के नाम पर भारत पाकिस्तान सीमा पर मील के पत्थर लगे होते थे और वो गलती से पाकिस्तान में प्रवेश कर गये। तब पाक पुलिस ने सरबजीत को गिरफ्तार कर लिया था और इस्लामाबाद में हुए बम धमाकों के मामले में आरोप लगाकर गिरफ्तार किया था। पाक पुलिस का दावा था कि भारत के तरनतारन के गांव भिखीविंड निवासी सरबजीत सिंह भारतीय एजेंसियों का जासूस है। कई सालों तक पाक जेल में बंद रखने के बाद पाक खुफिया एजेंसी ISI के इशारों पर अमीर सरफराज ने साल 2013 में जेल में सरबजीत की हत्या कर दी थी। बाद में बड़े प्रयासों के बाद सरबजीत की रिहाई तय हुई थी, लेकिन पाकिस्तान की जेल में उन्हें मार दिया गया था।

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