भारत का विरोध मालदीव को पड़ा भारी, अर्थव्यवस्था लगी डगमगाने तो मंत्री इब्राहिम फैसल बोले ‘प्लीज…’।

दुबई : भारत ने मालदीव के खिलाफ कुछ भी ऐसा नहीं किया था, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों म खटास आये, लेकिन फिर भी मालदीव की सरकार और लोगों ने भारतीयों के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया और प्रधानमंत्री मोदी पर बेहूदगीपूर्ण बातें की। जिसके बाद भारत और मालदीव के बीच तनावपूर्ण संबंध हाल के दिनों में चर्चा का विषय रहे हैं। संबंधों में आई दरार की वजह से मालदीव के पर्यटन कारोबार में गिरावट भी देखने को मिली है। इस बीच अब मालदीव के पर्यटन मंत्री ने भारतीयों से आग्रह किया कि वो पर्यटन पर निर्भर उनके देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दें। मालदीव के पर्यटन मंत्री इब्राहिम फैसल ने ‘पीटीआई पर वीडियो’ के साथ एक साक्षात्कार में मालदीव और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया है। 

‘अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर’ :

इब्राहिम फैसल ने कहा, ‘‘हमारा एक इतिहास है। हमारी नवनिर्वाचित सरकार भी मिलकर (भारत के साथ) काम करना चाहती है। हम हमेशा शांति और मैत्रीपूर्ण वातावरण को बढ़ावा देते हैं। हमारे लोग और सरकार आने वाले भारतीयों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। पर्यटन मंत्री के तौर पर मैं भारतीयों से कहना चाहता हूं कि कृपया मालदीव के पर्यटन का हिस्सा बनें। हमारी अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर करती है।’’ इस समय पर्यटन पर निर्भर रहने वाले मालदीव की हालत पतली हो गई है।

आखिर हुआ क्या था ?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छह जनवरी को ‘एक्स’ पर लक्षद्वीप की कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा की थीं जिस पर मालदीव के तीन मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर भारत और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कर दी। इस घटना को लेकर भारत में तीखी प्रतिक्रिया हुई और लोगों ने सोशल मीडिया में मालदीव का बहिष्कार करने और पर्यटन के लिए वहां नहीं जाने की बात की। इसके बाद से भारत और मालदीव के रिश्तों में दूरियां बढ़ती चली गईं। इधर कई लोगों ने अपनी यात्रा भी रद्द कर दी।

पर्यटकों की संख्या में भारी कमी :

सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/

मालदीव में भारतीयो की बेरुखी से पर्यटन व्यवसाय पर खासा असर पड़ा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल के पहले चार महीनों की तुलना में इस साल के पहले चार महीनों में भारत से मालदीव पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में 42 प्रतिशत की कमी आई है। वहीँ अब भी कई भारतीय मालदीव जाने के अपने मोह को छोड़ नहीं पा रहे है।