जम्मू-कश्मीर में मंदिर को लेकर 2 मुसलमानों ने किया ऐसा काम, जिससे….।

रियासी (जम्मू व कश्मीर) : जहाँ 1990 में कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार करके भगाया गया था, वहीँ अब इन मामलों में बदलाव हो रहा है, खबर है कि जम्मू-कश्मीर के रियासी क्षेत्र में धार्मिक सद्भाव की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली है। यहां दो मुसलमानों ने 500 साल पुराने मंदिर के लिए अपनी जमीन दान में दे दी है। जहाँ अब भी कुछ नेता श्री राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर अपनी रोटियां सेंकने में लगे हुये है, वहीँ इस मामले यह पहल सराहनीय है। अब इस मंदिर में दर्शन के लिए ज्यादा लोग आ रहे थे, जो कि बीते कई सांप्रदायिक घटनाओं के बाद कम हो गया था, और इसलिए उनके लिए जगह की कमी पड़ रही थी। ऐसे में मंदिर के आस-पास बहुत भीड़ हो जाती है, इसीलिए मुसलमानों ने अपनी जमीन दान दी है, अब जमीन पर मंदिर को जोड़ने वाला रास्ता भी बनाया जाएगा, जो कि अभी कच्चा है। अब इसके जम्मू-कश्मीर में मंदिर को लेकर 2 मुसलमानों ने ये ऐसा काम किया है, जिससे साम्प्रदायिक सद्भाव बढेगा।

1 करोड़ की जमीन की दान :

रियासी के खेरल पंचायत से ताल्लुक रखने वाले गुलाम रसूल और गुलाम मोहम्मद ने अपनी चार कनाल जमीन पंचायत को दान कर दी है। इस जमीन की कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है। यहां गुप्त काशी के लिए 10 फुट चौड़ाई के साथ 1200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। गौरी शंकर मंदिर रियासी जिले के कांसी पट्टा गांव में मौजूद है। अधिकारियों ने कहा कि पंचायत निधि से जल्द ही यह सड़क बनाई जाएगी। जिससे अब यहाँ सांप्रदायिक सद्भाव में सुधार हो रहा है।

नफरत भरा अभियान :

पूर्व पंचायत सदस्य और किसान गुलाम रसूल ने कहा कि कुछ लोगों ने सड़क मुद्दे का हवाला देकर समाज में दरार पैदा करने की कोशिश की गई है, उन्होंने कहा, “मंदिर के लिए कोई उचित सड़क नहीं थी। कुछ लोगों ने दरार पैदा करने के इरादे से नफरत भरा अभियान भी चलाया गया था।” जिसको अब हल कर लिया गया है।

मंदिर भी रेनोवेट होगा :

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सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के लिए हाल ही में पंचायत सदस्यों और राजस्व अधिकारियों की एक बैठक हुई थी। बैठक के दौरान जमीन मालिक गुलाम रसूल और गुलाम मोहम्मद अपनी जमीन का कुछ हिस्सा सड़क के लिए देने पर सहमत हुए थे।इसी बीच, मंदिर को पुनः सँवारने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर के पास क्षेत्र में कुछ और जमीन भी है। जमीन से जुड़ा मामला जिला विकास आयुक्त रियासी के ध्यान में लाया गया है। आपको बता दें कि इस क्षेत्र में हिन्दू आबादी लगभग ना के बराबर है।