महादेव सट्टा एप में खातों का जुगाड़ ज़माने के आरोप में तीन गिरफ्तार, ऐसे करते थे काम….।

रायपुर : महादेव सट्टा एप की जड़ें काफी गहरी है, लगातार इनके गुर्गे पकड़ में आ रहे है। अब खबर है कि ऑनलाईन महादेव सट्टा एप संचालित करने बैंक में काउंट खुलवाने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उन लोगों ने पुलिस को बताया है कि ऑनलाइन सट्टा संचालित करने अब तक डेढ़ सौ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुलवाए हैं आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने छह मोबाईल फोन तथा एक बैंक अकाउंट जब्त किया है। पुलिस के अनुसार सट्टा संचालित करने बैंक अकाउंट खुलवाने के आरोप में महेश तांडी, भिलाई निवासी राहुल कुमार देवांगन तथा ई. शंकर राव को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि अकाउंट खुलवाने के एवज में उन्हें पांच हजार रुपए मिलते थे। इसके साथ ही जिन लोगों के नाम से बैंक अकाउंट खुलवाते थे, उन्हें दो से तीन हजार रुपए दिए जाते थे। उनके खाते से पैसों का हस्तांतरण किया जाता था।

सेविंग अकाउंट में मिलते थे 40 हजार :

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि नरेंद्र को जो बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, नरेंद्र को उस बैंक खाते में करंट तथा सेविंग अकाउंट की अलग-अलग रकम मिलती थी। करंट अकाउंट के एवज में नरेंद्र को 40 तथा सेविंग अकाउंट के एवज में 20 हजार रुपाए मिलते थे। उसी आधार पर नरेंद्र उन्हें अकाउंट उपलब्ध कराने के एवज में पांच हजार तथा खाता धारक को पैसे देता था। इसमें कई लोगों को पैसों का लालच देकर खाते खुलवाये गये थे.

ओडिशा के रास्ते देशभर में अकाउंट का उपयोग :

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि उन लोगों ने जिन लोगों के नाम से बैंक अकाउंट खुलवाया है। उन बैंक खातों को ओडिशा के किसी नरेंद्र निहाल को उपलब्ध कराते थे। नरेंद्र के पास बैंक खातों के साथ खातों से जुड़े अन्य दस्तावेज चेक, एटीएम सहित अन्य जानकारी नरेंद्र के पास भेज देते थे। इसके बाद नरेंद्र प्राप्त बैंक खातों को दिल्ली, मुंबई, पुणे में बैठे सटोरियों तक पहुंचाने का काम करता था। जिसके जरिये पैसों का लेनदेन किया जाता था।

नरेंद्र के संपर्क में ऐसे आया महेश :

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महेश पूर्व में रायपुर में किसी कपड़ा दुकान में काम करता था। इसके बाद वह ओडिशा चला गया, वहां उसकी मुलाकात नरेंद्र से हुई। नरेंद्र ने महेश को अकाउंट खुलवाने के एवज में पैसे देने का लालच दिया। इसके बाद महेश ने ओडिशा से लौटकर अपने अन्य दो साथियों के साथ मिलकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 18 से 22 वर्ष के युवकों को पैसों का लालच देकर अकाउंट खुलवाने का काम किया। पुलिस के अनुसार खाता खुलवाने नया सिम कार्ड लेते थे। ऐसी परिस्थिति में कार्यवाही की जद में ये युवा भी आ जाते थे।