रायपुर : 100 करोड़ के कस्टम मिलिंग घोटाले में माचिस मीडिया द्वारा बार-बार मुख्य सरगना रोशन चंद्राकर पर कार्यवाही की छूट को लेकर मुद्दा उठाया जा रहा था, जिसमें अब जाकर रोशन चंद्राकर गिरफ्तार हुआ है। वहीँ छत्तीसगढ़ में ईडी की ताबड़तोड़ कार्यवाही भी जारी है, जहां कस्टम मिलिंग घोटाले में गुरुवार को ईडी ने छत्तीसगढ़ स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले ईडी ने मार्कफेड के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज सोनी को भी गिरफ्तार किया था। मनोज सोनी की गिरफ्तारी के बाद रोशन चंद्राकर पर कार्यवाही को लेकर लगातार हमने सवाल उठाये थे। घोटाले को मनोज सोनी ने रोशन चंद्राकर मिली भगत से ही अंजाम दिया है।
मनोज सिंह पहले से ही है जेल में बंद :
उल्लेखनीय है कि, 6 दिन पहले कस्टम मिलिंग घोटाले में गिरफ्तार मार्कफेड के पूर्व अधिकारी मनोज सोनी को शुक्रवार को ईडी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया था। जहां ईडी ने फिर उनकी रिमांड मांगी थी, लेकिन रोशन चंद्राकर को पूछताछ कर छोड़ दिया था। कोर्ट ने ईडी की ओर से पेश की गई दलीलों के आधार पर मार्कफेड के पूर्व अधिकारी को दूसरी बार 5 दिन की रिमांड पर ईडी के हवाले किया है। कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिग्विजय सिंह की कोर्ट ने नान के पूर्व एमडी मनोज सोनी, कोरबा एमडी प्रितिका पूजा केरकेट्टा तथा छह राइस मिलर को नोटिस जारी किया था। आयकर विभाग की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक विवेक पाण्डेय के मुताबिक मार्कफेड के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी, विपणन अधिकारी प्रितिका पूजा केरकेटटा तथा 16 राइस मिलरों के ठिकानों पर आयकर विभाग के अफसरों ने पिछले साल जुलाई में छापा मारा था। मामले में रोशन चन्द्राकर को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश का करीबी भी बताया गया है।
प्रति क्विंटल 20 रुपए कमीशन लेते थे :
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छापे की कार्यवाही में बोगस लेनदेन के दस्तावेज के साथ कस्टम मिलिंग के एवज में प्रति क्विंटल 20 रुपए कमीशन लिए जाने के इनपुट मिले थे। प्रकरण की जांच करने के बाद 15 सितंबर को आयकर विभाग ने कोर्ट में परिवाद पेश किया गया था। आयकर विभाग द्वारा कोर्ट में पेश किए गए परिवाद के विरोध में लगाई गई आपत्तियों का निराकरण कोर्ट द्वारा किया जा चुका है। इसके बाद भी प्रकरण में आरोपी उपस्थित नहीं हो रहे थे। सीजेएम ने आयकर विभाग की ओर से पेश किए गए आवेदन को देखते हुए सभी आरोपियों को स्वयं या फिर अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया था। मामले को लेकर ED की कार्यवाही लगातार जारी है।
इनके खिलाफ परिवाद :
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आयकर विभाग ने जिन लोगों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद पेश किया था। उनमें नान के एमडी रहे मनोज सोनी के साथ कोरबा डीएमओ प्रितिका पूजा केरकेट्टा, राइस मिल एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष कैलाश रूगंटा, उपाध्यक्ष पारसमल चोपड़ा, कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर, राइस मिलर संतोष अग्रवाल, अमित अग्रवाल तथा प्रशांत अग्रवाल के नाम शामिल हैं। मनोज सोनी अब जेल में है, वहीँ रोशन की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।



