बाल विवाह कराते काजी समेत 8 लोग गिरफ्त में, लगा पॉक्सो एक्ट, यहाँ का है ये मामला….।

गुवाहाटी (असम) : करीमगंज में बाल विवाह के आरोप में पुलिस ने एक काजी समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार जिस नाबालिग लड़की की शादी हो रही थी, उसकी उम्र सिर्फ 17 साल है। वह नौवीं कक्षा की छात्रा बताई गई है। करीमगंज में पुलिस ने बाल विवाह कराने के प्रयास कराने वालों में काजी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक काजी सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि उन्हें 20 मई की शाम को सूचना मिली और उन्होंने इसमें शामिल लोगों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए प्रयास किया गया जिसमें उन्हें सफलता मिली।

यह शादी समारोह करीमगंज के पत्थरकाड़ी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कबीरबंद गांव में हो रहा था। यहाँ सब कुछ निजी रखा गया था, यहां तक की ज्यादा लोगों निमंत्रण भी नहीं दिया गया था। पत्थरकाड़ी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी दीपक दास ने बताया, “जब हम मौके पर पहुंचे, तो दूल्हा और दुल्हन कुबूल है, कुबूल है, कह चुके थे, जो मुस्लिम विवाह की अंतिम रस्म है, लेकिन फिर भी हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और लड़की को बचा लिया।” अब इस घटना के बाद क्या होगा यह कह पाना मुश्किल है।

दीपक दास ने मीडिया से बातचीत में बताया कि लगभग 18 साल की उम्र के दूल्हे ने दावा किया है कि वह काफी लंबे समय से नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक सबंधों में था और जब उन्होंने शादी करने का फैसला किया, तो दोनो परिवार की रजामंदी  हो गई। दास ने कहा कि ”जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार, लड़की 17 साल की है, लेकिन ऐसा लगता है कि वह बहुत छोटी है। वह लड़की कक्षा 9वीं की छात्रा है।”

छोटी – छोटी नवकन्या घर आये , पूरा सुने यह मधुर भजन और हमारे चैनल को सब्सक्राईब करें, इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=8OLfH1w-yBw

गिरफ्तार किए गए लोगों में बिलालुद्दीन नाम का दूल्हा, उसके पिता जहरौल इस्लाम, लड़की के पिता शब्बीर उद्दीन, काजी और परिवार के कुछ अन्य सदस्य शामिल हैं जो निकाह कराने में शामिल थे। पुलिस ने कहा कि सभी आठ लोगों के खिलाफ पत्थरकाड़ी पुलिस स्टेशन में बाल विवाह निषेध (पीसीएमए) अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब मामले की कोर्ट में सुनवाई होगी।

सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/

आपको बता दें कि असम सरकार ने पिछले साल बाल विवाह पर राज्यव्यापी कार्यवाही शुरू की थी, जिसके दौरान इस कृत्य का समर्थन करने के लिए 5000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनका लक्ष्य 2026 तक असम से बाल विवाह को पूरी तरह खत्म करने का है और लक्ष्य हासिल होने तक कार्यवाही जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा ने यह भी कहा कि वे बहुविवाह के खिलाफ एक कानून ला रहे हैं और वे विधेयक के मसौदे में बाल विवाह और लव जिहाद के खिलाफ मजबूत बिंदु शामिल कर रहे हैं। राज्य में इन सभी गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाई जायेगी।