रीवा (म.प्र.) : आपने ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ फिल्म देखी होगी. इसमें नायिका ने टॉयलेट न होने पर पति का घर छोड़ दिया था। इस रील स्टोरी की हूबहू रियल स्टोरी रीवा से सामने आई है. यह वाकया रीवा की त्योंथर तहसील में हुआ है। इस वाकये को सुनकर सब सन्न हैं। इस मामले में एक महिला ससुराल छोड़कर मायके चली गई है। दो महीने बाद भी जब वह नहीं लौटी तो पति उसे लेने गया। लेकिन, महिला ने उसे यह कहकर साथ आने से मना कर दिया कि जब तक घर में टॉयलेट नहीं बन जाता, तब तक वह मायके में ही रहेगी।
इसके बाद मायूस होकर लौटे पति ने पुलिस से मदद मांगी है। पुलिस के सामने यह समस्या है कि यह मामला उसके तहत नहीं आता। अब पति दर-दर भटककर अधिकारियों से टॉयलेट बनाकर देने की गुहार लगा रहा है। गौरतलब है कि त्योंथर तहसील के चाकघाट थाना क्षेत्र के आमव गांव के रहने वाले प्रदीप मिश्रा की पत्नी दो महीने पहले मायके चली गई है। जब वह उसे लेने ससुराल गया तो पत्नी ने यह कहकर उसे वापस लौटा दिया कि जब तक घर में टॉयलेट नहीं बनेगा तब तक वह वहां नहीं आएगी।ये सुनने के बाद प्रदीप मिश्रा चाकघाट पुलिस थाना पहुंचा और मदद की गुहार लगाई। प्रदीप का कहना है कि मैं इंदौर में 10 हजार रुपये की नौकरी करता हूं। ऐसे में घर में टॉयलेट बनवाना मेरे लिए टेढ़ी खीर है। मैंने शासन-प्रशासन से भी टॉयलेट बनाकर देने की गुहार लगाई है। लेकिन, कोई अधिकारी-कर्मचारी सुन नहीं रहा।
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इस मामले में फंसे कई पेंच
प्रदीप का कहना है कि मेरी पत्नी भी जिद लगाकर बैठी है कि टॉयलेट के बिना घर नहीं आएगी। बता दें, आमव गांव में सरकार के निर्देश पर समग्र स्वच्छता अभियान के तहत टॉयलेट बनाई गई थी। लेकिन, अब ये उपयोग के लायक नहीं बची है। इस बात में पेंच यह फंस रहा है कि सरकार हितग्राही को टॉयलेट बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर अनुदान राशि दे रही है। लेकिन, यह रकम इतनी नहीं है कि उससे टॉयलेट बनवाया जा सके।



