साहीडांड़/जशपुर : ऑनलाईन गेम की आभासी दुनियां में उलझकर बच्चे ऐसे कदम उठा लेते है जो कि भयानक होते है, माता-पिता इसके बड़े जिम्मेदार है जो बच्चों को खुद कम उम्र में मोबाईल के जाल में डाल देते है, कई बार ऑनलाईन खेलों में अश्लील नोटिफिकेशन भी आते है, कई बार बच्चे आभासी चीजों में फंस जाते है, उनका मन कोमल और गैर अनुभवी होता है जिसके कारण वो बड़ी घटना के शिकार हो जाते है, ऐसे ही ब्लू व्हेल नाम के खेल को खेलते हुये कई बच्चे मौत के शिकार हो चुके है। वहीँ माता-पिता के भय से इन खेलों में फंसे किशोर जान देने से भी नहीं चूकते। ऐसा ही एक मामला जशपुर जिले का है जहाँ नारायणपुर थाना क्षेत्र के बनखेता गांव में 12वीं कक्षा के स्कूली छात्र ने मोबाईल में फ्री फायर गेम खेलने की लत में पैसे लगाकर, गेम में पैसे हारने के बाद घरवालों की डांट के डर से फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी।
मामले को लेकर पुलिस सूत्रों ने बताया कि, नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कलिया के बनखेता गांव का सुमित लकड़ा पिता भोला लकड़ा (18) को फ्री फायर गेम की लत लग गई थी। छात्र दिन भर मोबाईल में गेम खेलने में लगा रहता था। जानकारी के मुताबिक वह पैसा लगाकर गेम खेलता था, इस गेम में वह काफी पैसे हार चुका था, इस गेम की शुरुआत 10/- से बताई गई है। उसका एक भाई विनीत लकड़ा मुंबई में रहता है। बीते फरवरी माह में सुमित ने अपने भाई विनीत से घर का बोर बनवाने की बात बोलकर उससे 5 हजार रुपए ऑनलाईन मंगवाया और उस पैसे को भी वह फ्री फायर गेम में हार गया। मंगलवार को सुमित घर में अकेला था। उसके घर वाले महुआ डोरी चुनने गए हुए थे। इसी बीच सुमित ने घर में रखी चुन्नी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। मामले की सूचना पर नारायणपुर पुलिस जांच कर रही है।
हैप्पी हार्मोन के ज्यादा रिलीज होने से धीरे-धीरे लग जाती है लत :
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बच्चों व किशोरों को मोबाईल गेम की लत जल्दी लगती है। कम उम्र में पैसे कमाने की लत और फिर कुछ अवसरों पर पैसे हाथ में आ जाने के बाद बच्चे, मोबाईल फोन की स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने लगते हैं, इससे उनके दिमाग को खुशी मिलती है। ऐसे में ब्रेन से डोपामाइन हार्मोन तेजी से रिलीज होता है। अगर छोटी उम्र में डोपामाइन का लेवल हाई हो जाता है तो बच्चे का ध्यान इधर-उधर बंट जाता है। पढ़ाई में एकाग्रता नहीं कर पाता है। सोशल मीडिया और ऑनलाईन गेमिंग की लत का प्रभाव बच्चों की मेंटल हैल्थ पर पड़ रहा है और बच्चे मेंटल हैल्थ डिसऑर्डर्स के शिकार हो रहे हैं। जिसके बाद वो भयानक कदम उठा लेते है।



