रायपुर : भ्रष्टाचार एक ऐसी चीज है जो कि ख़त्म नहीं हो सकती लेकिन कम जरुर हो सकती है, वहीँ आम आदमी हर सरकारी विभाग में जब तक जेब गरम नहीं करता उसका काम होता ही नहीं है, इसी अन्य आय को लेकर हर कोई सरकारी विभागों में ही नौकरी चाहता है, बड़ी रिश्वत तो फिर भी समझ में आती है, लेकिन बहुत मामूली रकम की रिश्वतखोरी वो भी बेहद गरीब लोगों से, ऐसा सोचना भी मुश्किल है, लेकिन ऐसा ही एक शर्मनाक मामला सामने आया है, रायपुर नगर निगम से।
रायपुर नगर निगम में राशन कार्ड बनाने देने के नाम पर रिश्वतखोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नगर निगम का अधिकारी लोगों से बीपीएल और एपीएल राशन कार्ड बनाने के नाम पर घूस लेता पकड़ा गया है। सहायक राजस्व निरीक्षक माधव अवधिया गरीबों से राशन कार्ड देने के नाम पर 50 रुपये 100 रुपये घूस लेते पकड़ाया है। उसके इस कृत्य से सरकारी विभागों में आम लोगों के शोषण को लेकर कलई खुल गई है, सामान्यतया हर सरकारी विभाग में रिश्वतखोरी से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन निगम में हर छोटे कार्य को लेकर यही हालात है, लेकिन इक्के – दुक्के मामले ही सामने आते है।
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दरअसल, यह मामला रायपुर नगर निगम के जोन-2 कार्यालय है। इस मामले में लोगों का कहना है कि यह पूरा खेल मिलीभगत से किया जा रहा है। वहीं, जोन-2 के अन्य कर्मचारियों का कहना है कि माधव अवधिया पर काम की लापरवाही और घूस लेने का पहले भी मामला आया था। वे इसी वजह से सस्पेंड भी हो चुके हैं। एक बार फिर निगम कर्मी अवधिया के घूस लेने का मामला सामने आया है। कुछ समय पहले भी एक अधिकारी 50 के नोटों की गड्डी लेते एक पत्रकार के स्टिंग का शिकार हो चुका है।
बीपीएल मुफ्त और एपीएल के लिए 10 रुपये का प्रावधान :
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि लोगों को बीपीएल कार्ड मुफ्त में देने का प्रावधान है। वहीं, एपीएल राशन कार्ड में सिर्फ 10 रुपये लेने का प्रावधान है, वो भी सिर्फ इसलिये की सत्ता बदलने के बाद राशनकार्ड जबरदस्ती बदले गये है। लेकिन यहां लोगों से अधिकारी जितना हो सके उतनी रिश्वत वसूल रहे हैं। कम से 50 से 100 रुपये तो लिया ही जा रहा है। अगर कोई पैसा नहीं देता है तो उसका कार्ड लटकाने का काम किया जा रहा है। जिस परेशानी से बचने के लिए लोग पैसे देने का मजबूर हो रहे हैं। वहीँ किसी क्षेत्र का पार्षद जागरूक है तो वहां ऐसी दिक्कत नहीं आ रही है।
अधिकारीयों की मिलीभगत से हो रहा काम :
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इस मामले को लेकर वार्ड पार्षद अनवर हुसैन का कहना है कि नगर निगम का राजस्व विभाग सबसे भ्रष्ट विभाग है। यहां लोगों से राशन कार्ड के लिए वसूली की जा रही है। वहीं, इसमें नीचे से लेकर ऊपर तक सभी अधिकारी मिले हैं। किसी एक अधिकारी की अकेले की हिम्मत नहीं है कि वह खुलेआम वसूली कर सके। उनका कहना है कि जाेन में राशन कार्ड वितरण की जिम्मेदारी चार से पांच अधिकारियों को दी गई, ऐसे में अगर एक आदमी वहीं रिश्वत ले रहा है तो बाकी लोगों को भी तो इसकी जानकारी है ही। इसके बाद भी खुलेआम रिश्वत ली जा रही है। उपर के अधिकारी वर्ग पर भी कार्यवाही होनी चाहिये। नगर निगम रायपुर के जोन-2 कमिश्नर आरके डोंगरे ने कहा, जोन-2 कार्यालय में रिश्वत लेने की शिकायत मिली, इस संबंध में जांच कराई जायेगी।



