रायपुर : बिजली उपभोक्ताओं को अब प्रीपेड की तर्ज पर पहले मीटर को रिचार्ज करना पड़ेगा, इसके बाद उसे खपत के लिए बिजली सप्लाई की जाएगी। प्रदेशभर में अब स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेशभर में 54 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं, जिनके घर अब स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटर मोबाईल के सिम की तरह काम करेगा। तय पैक के आधार पर उपभोक्ताओं को मीटर रिचार्ज कराना पड़ेगा। उपभोक्ता जितना रिचार्ज करेगा, उतना बिजली उपभोक्ता प्रयोग कर पाएगा।
सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक हो जायेगा। रिचार्ज खत्म होने पर ऑटोमेटिक सिस्टम से बिजली सप्लाई बंद जाएगी, जैसे मोबाईल में रिचार्ज खत्म होने पर कॉलिंग, इंटरनेट और एसएमएस बंद हो जाता है। हालांकि, रात में रिचार्ज खत्म होने पर बिजली सप्लाई बाधित नहीं की जाएगी। लेकिन, उसे दूसरे दिन सुबह ही स्मार्ट मीटर रिचार्ज करना पड़ेगा। वर्तमान में अभी ट्रायल के लिए घरों में लगाया जा रहा है, जिसे कुछ दिन बाद रिचार्ज कराना पड़ेगा। विभाग ने ये निर्णय बकाया बिजली बिल के भुगतान में आने वाली समस्या से छुटकारा पाने के लिए कर रहा है। इससे बिजली विभाग का जो उपभोक्ताओं के पास बकाया रहता है, उससे मुक्ति मिलेगी, वहीँ कई सरकारी विभागों में भी बकाये को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा, साथ ही बिजली विभाग के मीटर रीडर का भी खर्च बचेगा।
हर सप्ताह बिजली खपत का आएगा एसएमएस :
स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने के बाद प्रतिदिन खपत के अनुसार पैसा कटेगा। उपभोक्ताओं को रिचार्ज में खर्च बजट की सूचना हर सप्ताह एसएमएस के जरिए भेजा जायेगा। वहीं, जब रिचार्ज खत्म होने वाला होगा, तो इसकी अलर्ट की सूचना सप्ताह मेें तीन बार दी जायेगी।
सरकारी छूट का लाभ भी :
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स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी सभी आम उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से मिली हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलेगा। छूट का लाभ देने के लिए मीटर में ऑटोमेटिक रूप से व्यवस्था दी जाएगी, जिससे रिचार्ज में ही छूट के लाभ के अनुसार उपभोक्ता का पैसा प्रति यूनिट कटे।
फ्री लगाए जाएंगे स्मार्ट मीटर :
सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर फ्री ऑफ कॉस्ट लगाए जाएंगे, इनका कोई पैसा नहीं लिया जायेगा। मीटर की 10 साल की गांरटी रहेगी। 10 साल स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी मेंटेनेंस की जिमेदारी उठाएगी।
जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल स्मार्ट मीटर लगाने के समय बकाया रहेगा, उपभोक्ताओं को बिजली बिल का बकाया 300 दिन में चुकाना होगा। ऑटोमेटिक सिस्टम के आधार पर रिचार्ज से बिजली खपत का पैसा कटने के साथ बकाया बिल का भुगतान भी होने लगेगा। यानी 300 रुपए बकाया है, तो प्रतिदिन एक रुपए प्रतिदिन रिचार्ज से बकाया में कट जाएगा। इस तरह से पुराना बकाया भी समायोजित कर दया जायेगा।
7000 करोड़ का बजट, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य :
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सीएसपीडीसीएल ने प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 7000 करोड़ का बजट निर्धारित किया है और सभी उपभोक्ताओं के घरों में 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। बजट का 85 फीसदी कान्ट्रेटर कंपनी खर्च करेगी, जिसे सीएसपीडीसीएल प्रतिमाह के हिसाब से कंपनी को भुगतान करेगी। वहीं, 15 फीसटी बजट भारत सरकार की ओर से सीधे कान्ट्रेक्टर को ट्रांसफर किया जायेगा।
प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को रिचार्ज करने पर खपत के लिए बिजली सप्लाई की जाएगी। पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक रहेगा। 2026 तक प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। – राजेंद्र प्रसाद, सीई, प्रोजेक्ट सीएसपीडीसीएल



