फरीदाबाद (हरियाणा) : जनता कॉलोनी स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर शुक्रवार रात पत्नी और बच्चों के साथ लेटे युवक पर कुछ लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसपर चाकू से चार-पांच वार किए। बीच-बचाव में आई उनकी पत्नी को घायल कर दिया गया। शोर सुनकर घरों से बाहर आए लोगों को देखकर सभी आरोपी फरार हो गए। घायल को नजदीक के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। लोगों ने आक्रोश दिखाते हुए एक घंटे तक प्याली चौक जाम कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया है। मामले में सामने आया कि कुछ युवक आए और पहले धार्मिक नारा लगाया और उसके बाद उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने आरोपियों को इस तरह के नारे लगाते हुए सुना था। मुजेसर थाना प्रभारी कुलदीप का कहना है कि हमला जरूर किया गया है लेकिन धार्मिक उन्माद वाली बात सामने नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार, घायल की पहचान रवि कश्यप उर्फ रवि भगत के रूप में हुई है। स्थानीय लोग और घायलों के परिजनों ने बताया कि वह भाजपा से जुड़े हैं। साथ ही वह मंदिर के पुजारी हैं और कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा के समर्थक भी हैं। पुलिस को दी शिकायत में रवि की पत्नी पुष्पा ने अपनी शिकायत में बताया है कि शुक्रवार को हुई बारिश के चलते क्षेत्र में रात में भी बिजली नहीं थी। इससे अंधेरा पसरा था। बिजली नहीं होने और उमसभरी गर्मी से बचने के लिए रवि चारपाई लेकर पास स्थित धार्मिक स्थल पर चले गए थे।
मामले पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान पड़ोस की गली में रह रहे महताब और गोलू आया। दोनों रवि से बात करने लगे। जैसे ही रवि बात करते हुए करवट बदला, महताब ने अपनी जेब से चाकू निकाल कर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गोलू उर्फ शशि भी जेब से सूआ निकाल कर रवि के शरीर पर घोंपने लगा। पीड़िता के अनुसार इस दौरान इकबाल उर्फ लाला, साजिद, गोलू आकर चाकू और सुए से मूंह, पेट, छाती और अन्य जगहों पर करीब करीब चार-पांच वार कर लहूलुहान कर दिए। पुष्पा बचाने गई तो आरोपियों ने उनके हाथ में भी सूआ मार दिया। पुष्पा का शोर सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर आए। यह देख सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
उन्मादित नारे लगाने का भी आरोप :
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स्थानीय लोगों और पीड़ित परिजनों का आरोप है कि आरोपी वारदात के दौरान धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारे लगा रहे थे। वह भागते समय भी नारेबाजी करने के साथ जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। स्थानीय लोग रवि भगत को लहूलुहान अवस्था में देखकर चकित रह गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को दे दी।
डेढ़ घंटे बाद आई पुलिस :
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना के बाद डायल-112 की टीम भी काफी देर से मौके पर पहुंची। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे बाद स्थानीय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान निजी कार से घायल को पहले बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। पीड़िज परिजन के अनुसार रवि की हालत गंभीर थी, इसलिए उन्हें नीलम-बाटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
आरोपियों के घर पर किया गया पथराव :
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मामले में जानकारी के अनुसार सड़क जाम करने के साथ कुछ लोग आरोपियों के घर के पास चले गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ लोगों ने आरोपियों के घर पर पथराव किया। उस दौरान घर में आरोपियों के परिजन थे। सभी डर कर अपने घर से बाहर नहीं निकले। इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस की टीम ने पत्थरबाजी कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। अधिकारियों का कहना है कि पत्थरबाजी में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस को यह है आशंका :
पुलिस सूत्रों के अनुसार हमले करने के कई कारण हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों का एक धार्मिक स्थल को लेकर पीड़ित ने मनमुटाव चल रहा था। सूत्रों की मानें तो पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़ित से कुछ पैसे भी उधार लिए थे। वह पैसे लौटा नहीं रहे थे। इससे आपसी भी रंजिश हो गई थी। साथ ही घायल पीड़ित अपनी गली के प्रवेश स्थान पर लोहे का दरवाजा लगवाया है। बताया जा रहा है कि वह उस दरवाजे को अन्य राहगीर के लिए नहीं खोलता था। इससे भी तनाव की स्थिति रहती थी। बाकी क्या मामला है यह जांच के बाद ही सामने आयेगा।



