पटना (बिहार) : बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार (28 जून) को मस्जिद की जमीन पर कब्जे करने को लेकर स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने पटना के चौक थाना मोड़ पर सड़क जाम करके आगजनी की और पुलिस प्रशासन के मौके पर पहुंचकर रोकने पर पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। मस्जिद की जमीन पर कुछ असामाजिक तत्वों ने बाउंड्री वॉल करने की कोशिश की थी, उसी को लेकर विवाद हो गया। दरअसल पटना में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने ही 400 साल पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद की जमीन पर अपनी दबंगई दिखाते हुए चंद घंटों में घेराबंदी कर दिया। जिसको लेकर लोग आक्रोशित हो गये। वहीँ जब मस्जिद की सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि पूरी मस्जिद की ही घेराबंदी कर दी। यह मामला पटना के चौक थाना क्षेत्र के मदरसा गली स्थित मदरसा मस्जिद की जमीन का है, जहां शुक्रवार को मस्जिद की जमीन घेराबंदी करने के विरोध में चौक थाना पर जमकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बवाल काटा। इस घटना के बाद काफी बवाल मचा।
इतना ही नहीं घेराबंदी को भी लोगों ने तोड़ दिया और जितना भी मलबा था, उसे गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मदद से दबंग लोग मस्जिद की जमीन की जबरन घेराबंदी किए हुए हैं, जबकि या मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर स्टे लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मस्जिद के पास ही ऐतिहासिक मजार है, जो कहा जाता है कि शाहजहां की बहन की है। इस ऐतिहासिक मस्जिद को लेकर लगातार विवाद सामने आया।
हालांकि सरकारी अधिकारियों ने इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं बताया है, लेकिन यह मस्जिद लगभग 400 साल पुरानी है। मस्जिद के आगे बुचर तलाब है, जहां नमाजी लोग फ्रेश होते थे दबंग लोगों ने बुचर तलाब के साथ ही घेराबंदी कर दी। स्थानीय लोग सुन्नी वक्फ बोर्ड की जमीन का दावा कर रहे हैं, तो दबंग पक्ष से संजीता खातून हैं, जिनके नाम पर जमीन की जमाबंदी कायम है और इसी कागजात के जरिए दबंग मोहम्मद मून खान दावा कर रहे हैं। पुलिस के सहयोग से गुरुवार को दिन के उजाले में घेराबंदी भी कर दी गई थी।
भगवान राम को अपना अपना राम – राम भेजें, हनुमान चालीसा अनुवाद सहित सुने , लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=rJDZQ4R9fYs
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है कि कई बार वहां पर पुलिस भी पहुंची थी, हालांकि मस्जिद से चौक थाना कि दूरी महज 100 मीटर है अगर पुलिस चाहती तो घेराबंदी रुक सकती थी। स्थानीय लोगों के अनुसार दूसरे पक्ष के खिलाफ सुन्नी वक्फ बोर्ड के लोगों ने पटना के अपर समाहर्ता अधिकारी के पास जमाबंदी को रद्द करने के लिए गए हैं और अपर समाहर्ता की ओर से इस जमीन पर स्टे लगा दिया गया है। जिसके बाद मामला अभी अधर में है, लेकिन जबरदस्ती घेराबंदी कर दी गई।
क्या है थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा का कहना? :
सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/
इसी बीच दूसरे पक्षों के द्वारा जमीन की बाउंड्री की जा रही थी, जिस पर अब काम बंद करवा दिया गया है। चौक थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा ने पुलिस और दबंगों की मिलीभगत होने के आरोपों को झूठ बताते हुए कहा कि पुलिस पेट्रोलिंग में निकलती थी कंट्रक्शन का काम चल रहा था। उस वक्त कोई विरोध करने नहीं आए थे, तो हमलोग उस पर रोक लगाने नहीं गए। अब मामला सामने आया है, इसमें सुन्नी बफ बोर्ड की जमीन का दावा करने वाले लोग आरोप लगा रहे कि मो. मून खान गलत तरीके से जमीन की जमाबंदी कायम किए हुए हैं। हमलोग जांच कर रहे हैं इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्यवाही की जाएगी। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस की भी मिली भगत है?



