कोरबा : आज का दौर छोटे परिवार का है, जहाँ आज संयुक्त और बड़े परिवार कहीं नजर नहीं आते, वहीँ छोटे परिवार में भी सामंजस्य बैठाना आसान नहीं है, लेकिन क्या आज के समय में किसी परिवार में 50 से ज्यादा सदस्य हो सकते हैं? ऐसा सोचना ही नामुमकिन लगता है, लेकिन ऐसा ही एक परिवार है कोरबा जिले के मदनपुर गांव में रहने वाला राठिया परिवार। यह परिवार एकता और पारिवारिक प्रेम की बेहद खूबसूरत मिसाल पेश करता है।
एक खूबसूरत तस्वीर कोरबा के मदनपुर गांव में रहने वाले राठिया परिवार की है। इसमें 1 साल के बच्चे से लेकर 85 साल के मुखिया सहित 52 लोग एक साथ एक ही घर में रहते हैं। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, देवरानी और जेठानी के बीच अटूट प्रेम और भाइयों की सोच से इस घर का आंगन खुशहाल है। बड़े भाई गणपत राम राठिया ने प्रेम की डोर मे सबको बांधकर रखा है। परिवार में किसी भी प्रकार का कोई विवाद नहीं है, जो कि एक आश्चर्यजनक बात है।
एक चूल्हे पर खाना :
राठिया परिवार के सभी सदस्यों का खाना एक ही चूल्हे पर बनता है. देवरानी, जेठानी और ननंद सभी मिलकर घर की रसोई और परिवार संभालती हैं। भाई बहनों को दूसरे दोस्तों की जरूरत ही नहीं पड़ती। राठिया परिवार का घर चहल-पहल से भरा हुआ है। ये लोग आपस में ही हंसी ठिठोली कर सुकून और खुशी पाते हैं। इससे परिवार में मजबूत बंधन और प्यारी यादें बनती हैं जो जीवन भर रहेंगी। परिवार में कोई आयोजन होता है तो बड़ी आसानी से उसका मैनेजमेंट हो जाता है।
4 पीढ़ियों से है एक साथ :
छोटी – छोटी नवकन्या घर आये , पूरा सुने यह मधुर भजन और हमारे चैनल को सब्सक्राईब करें, इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=8OLfH1w-yBw
घर के मुखिया गणपत राम राठिया ने बताया उनका परिवार चार पीढ़ी से मिलकर साथ रह रहा है। अपनी आने वाले पीढ़ी को भी यही शिक्षा देते हैं कि सबके साथ मिलजुल कर रहना है। राठिया परिवार की कहानी पारिवारिक रिश्तों की ताकत और घर के भीतर संबंधों के महत्व की याद दिलाती है। चुनौतियों और मतभेदों का सामना करते हुए प्यार, एकता और एकजुटता का प्रदर्शन करके, राठिया परिवार पारिवारिक रिश्तों को सबसे ऊपर रखने के लिए प्रेरित करता है। सबमें काफी स्नेह है।
आज के लोगों के लिये मिसाल है राठिया परिवार :
ऐसी दुनिया में जहां आज परिवार लगातार टूट रहे हैं, हम दो हमारे दो होने के बाद भी परिवार ख़ुशी से नहीं चल रहे है। रिश्तों की अक्सर परीक्षा होती है और तनाव होता है, तो ऐसे में राठिया परिवार इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि कैसे प्यार और एकता से सभी बाधाओं को पार किया जा सकता है। ये एकता लोगों को एक साथ ला सकती है और उन्हें अपनेपन और खुशी की भावना से भर सकती है। इन्होने बताया की पूरा परिवार बिना किसी भेदभाव अथवा बैर भाव के बिना, बड़े प्रेम भाव से रहते है।



