ACB की पकड़ में रिश्वतखोर तहसीलदार, अधिकारी संघ नाराज कहा फंसाने की साजिश, और कहा….।

रायपुर : छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्यवाही से खफा है। आये दिन कोई ना कोई रिश्वतखोर अधिकारी ACB के हत्थे चढ़ रहा है, जिससे रिश्वतखोरी करने वाले प्रशासनिक अधिकारीयों में हड़कम्प मचा हुआ है। ऐसे ही धमतरी में नायब तहसीलदार क्षीरसागर बघेल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने के मामले के खिलाफ नायाब तहसीलदार व तहसीलदारों के संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है तहसीलदार को फंसाया गया है।

सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य स्तर पर अधिकारियों व संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें रणनीति बनी कि इस संबंध में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात कर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराएंगे। संघ के अध्यक्ष नीलमणि दुबे ने कहा कि जो हालात है, वह अच्छे नहीं है। हमें लगता है कि नायाब तहसीलदार को फंसाया गया है। राजस्व की हालातों की जानकारी सरकार को नहीं है। राजस्व में सबसे ज्यादा संसाधनों की कमी है। यहां अव्यवस्था है। संघ ने फैसला लिया है कि अब बेगारी काम नहीं करेंगे। वहीँ तहसीलदार पर कार्यवाही भी की जा रही है। सवाल उठ रहा है की संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर रिश्वतखोरी करना कहाँ तक सही है?

संघ ने रखी यह प्रमुख मांग :

1. कुशल कंप्यूटर आपरेटर।

2. माल जमादार नोटिस को तामिली कराने वाले।

3. चपरासी जो नोटिस को तामिली कराएं।

4. 60-70 तहसीलों में शासकीय वाहनों की कमी बनी हुई है।

5. तहसीलों में इंटरनेट नहीं है। अधिकारियों अपने खर्चे पर चलाना पड़ रहा है।

6. कुशल बाबूओं की जरूरत है।

बैठक में यह निर्णय हुआ :

भगवान राम को अपना अपना राम – राम भेजें, हनुमान चालीसा अनुवाद सहित सुने , लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=rJDZQ4R9fYs

1. प्रोटोकाल के तहत अतिथि के भोजन आदि की व्यवस्था में तभी सहभागिता होगी, जबकि आदेश में यह स्पष्ट उल्लेखित हो कि, इसका व्यय किस मद से किया जायेगा।

2. जांच और दौरे में जाने के लिए वाहन और ईंधन की व्यवस्था नहीं हो पाती है। अब से मोटरसाइकिल से यह कार्य होंगे और टीए बिल से भुगतान मांगा जाएगा। यदि यह भुगतान खर्चे के मुक़ाबले कम हुआ तो सायकल से जाएंगे।

3. किसी भी प्रकार की अघोषित “व्यवस्था’ की अपेक्षा को सहयोग नहीं किया जाएगा। यहाँ “व्यवस्था” से आशय “बेगारी” से है।

4. इंटरनेट कनेक्टिविटी उसकी बिलिंग तथा लैपटाप या डेस्कटाप की उपलब्धता सरकार को देनी होगी।

घूसखोर तहसीलदार गिरफ्तार :

एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शुक्रवार को धमतरी तहसील कार्यालय में पदस्थ नायाब तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार नायब तहसीलदार क्षीरसागर बघेल ने जमीन पर कब्जा दिलाने के नाम पर प्रार्थी दिलीप पुरी गोस्वामी से 50 हजार रुपये की मांग की थी। प्रार्थी ने एसीबी कार्यालय में शिकायत की। एसीबी के एएसपी सीडी तिर्की ने टीम का गठन कर शुक्रवार को तहसील कार्यालय के कमरा नं. 14 में नायब तहसीलदार को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। वहीँ संसाधनों की कमी बताकर रिश्वतखोरी को सही बताना कहाँ तक सही है?

कमल वर्मा निर्विरोध अध्यक्ष :

सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल :  https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/

छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ का चुनाव संपन्न हो गया है। बता दें कि कमल वर्मा छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के फिर अध्यक्ष चुने गए हैं। आमसभा की बैठक में उन्हें निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। बैठक के दौरान प्रांताध्यक्ष कमल वर्मा ने अपने पांच साल के कार्यकाल में प्रदेश के राजपत्रित अधिकारियों के हित में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों से अवगत कराया। इस अवसर पर संगठन के कोषाध्यक्ष डीपी टावरी ने संघ का आय-व्यय प्रस्तुत किया है। अब ACB की कार्यवाही के लेकर संघ क्या करता है और ACB क्या करती है? इसका इंतजार करना होगा, लेकिन ACB के हत्थे चढ़े रिश्वतखोरों की खैर अब नही है।