मनेंद्रगढ़ : जिले में 10 से ज्यादा हमलावरों ने एक युवक को चाकू से वार कर मार डाला है। युवक के सिर, सीने और पेट में कई वार किए गए हैं। वारदात के बाद पूरा क्षेत्र तनावग्रस्त हो गया। खबर मिली है कि घटना में दस बदमाशों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है। युवक के ऊपर लगातार चाकू से भयानक वार किये गये है, यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार मनेंद्रगढ़ के आमाखेरवा में बिजली ऑफिस के पास रविवार रात 10.30 बजे मयूर जसूजा (19) अपने पांच साथियों के साथ बैठा हुआ था। इस दौरान बदन सिंह मुहल्ले से 10 युवक हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे। उनके बीच 2 दिन पहले हुए मारपीट की घटना को लेकर दोनों में विवाद हो गया था, उसी का बदला लेने बदमाशों ने उक्त घटना को अंजाम दिया। इसके बाद रवि यादव सहित अन्य युवकों ने मयूर जसूजा पर हमला कर दिया।
इलाज के दौरान मयूर ने तोड़ा दम :
इस दौरान मयूर के बाकी दोस्तों पर भी हमला करने की कोशिश की गई लेकिन वह भाग गए। हमले के बाद खून से लथपथ मयूर जमीन पर गिर गया। हमलावर उसे वहीं छोड़कर मौके से भाग निकले। तब मयूर के दोस्तों ने उसे लगभग 11 बजे गंभीर हालत में सीएचसी मनेंद्रगढ़ में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान मयूर ने दम तोड़ दिया। मामले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल रात को ही अस्पताल पहुंच गया। मयूर के परिजन भी अस्पताल पहुंचे थे। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मयूर के चाचा ने बताया कि, दो दिन पहले हुए विवाद की शिकायत करने के बाद देर रात पुलिस का कॉल आया। पुलिस ने कहा कि, तुम्हारे भतीजे ने लड़ाई की है इसे 302 के तहत अंदर कर देंगे। उसी समय पुलिस एक्शन ले लेती तो आज ये घटना नहीं होती।
दो दिन पहले हुआ था विवाद :
सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/
घटना 13 जुलाई की रात करीब 9.30 बजे हमलावर युवकों और मयूर जसूजा के बीच विवाद हुआ था। रवि यादव ने मनेंद्रगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि, 13 जुलाई की रात वह करीब 10 बजे टहलते हुए खेड़िया टॉकिज के आगे हनुमान मंदिर के पास पहुंचा था। इस दौरान पीयूष जसूजा, शुभम तिवारी और अन्य दो लोगों ने अपशब्द कहकर मारपीट की। मृतक के परिजनों ने बताया कि, मयूर जसूजा ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही दिखाई यही कारण है कि, आरोपियों के हौसले बढ़ गए, और उन्होंने इस घटना को अंजाम दे दिया। मयूर जसूजा की हत्या के बाद पुलिस हरकत में आई और 6 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं कुछ युवक मौके पर से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस की कार्यवाही को लेकर परिजन आक्रोशित है।



