अहातों से आहत ठेकेदार घाटे में, नहीं चुकाई रकम अब ठेके हुये रद्द, 94 लाख वाले ठेकेदार का क्या हुआ जानें।

रायपुर : गंजपारा अहाता की कीमत सिर्फ 31 लाख 15 हजार रुपये आरक्षित रखी गई थी, जो कि बाद में 94 लाख रूपये से ज्यादा में बिका था, ठेकेदारों ने अतिउत्साह में अहाते ऊँचे दामों पर तो ले लिये लेकिन अब उन्हें चलाने में हवा निकलने लगी है। अहाता चलाना आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया जैसा हो गया है। इसके कारण रायपुर जिले में 15 अहाता ठेकेदारों ने प्रतिभूति राशि एवं लाइसेंस फीस जमा नहीं की है, जिसके कारण आबकारी विभाग ने इन अहातों का ठेका निरस्त कर दिया है। साथ ही इन ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। जिन ठेकेदारों का अहाता अनुबंध निरस्त किया है, उन सभी की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। अब ये ठेकेदार अगली बार से नीलामी में भाग नहीं ले पायेंगे।

इन अहातों का ठेका निरस्त :

देशी गंजपारा कम्पोजिट, देशी मोवा पंडरी, देशी कम्पोजिट नेवरा, देशी खरोरा, देशी आरंग, विदेशी सिलतरा, कम्पोजिट गुल्लू, विदेशी कुर्रा गुढ़ियारी, देशी कम्पोजिट ग्राम, टंडवा बैकुंठ, देशी कम्पोजिट लखौली, विदेशी लालपुर, देशी रिंग रोड नं .2, विदेशी जीई रोड, विदेशी रायपुरा, विदेशी सरोना मार्ग रायपुरा।

लाइसेंस फीस के साथ जमा करनी थी प्रतिभूति राशि :

आबकारी विभाग की शर्तों के अनुसार अहाता का ठेका 11 माह मई 2024 से अप्रैल 2025 तक के लिए दिया गया था। अहाता के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे, जिसकी शर्त के अनुसार अहाता चलाने के लिए लाइसेंस फीस के साथ प्रतिभूति राशि यानी जितनी राशि में ठेका लिया है, उस राशि को ठेकेदार को 11 माह में विभाजित कर प्रत्येक माह जमा करना था। शुरुआत में ठेकेदार को एक साथ दो महीने की राशि जमा करनी थी। वहीँ अब राशि जमा ना करने पर ठेका निरस्त कर दिया गया है।

एक माह की लागत भी नहीं निकल पाई कई कर्जे में ठेकेदार :

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अहाता से लाखों रुपए कमाने का सपना देखकर ठेका लेने वाले कई ठेकेदार विभाग की रिकवरी के नाम से गायब हो चुके हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिन अहातों का ठेका निरस्त किया गया है, इनमें ज्यादातर ठेकेदारों ने दो से तीन गुना अधिक बोली लगाकर अहाता लिया है। अहाता में कमाई कम होने के कारण एक माह की लागत भी निकाल नहीं पाए हैं। वहीं कई ऐसे भी हैं जिन्होंने कर्ज लेकर व पार्टनरशिप में ठेका लिया था। ऐसे में अब ठेकेदारों के पास विभाग को पैसा देने के लिए पैसे ही नहीं है। इस कारण वे गायब हो गए हैं। उनका अभी कोई अता पता नहीं है।

56 का हुआ था टेंडर, इनमें 5 अहाता 56 लाख से 94 लाख तक बिके थे :

रायपुर जिले में 56 देशी-विदेशी शराब दुकानों के पास अहाता खोलने का टेंडर हुआ था। अहातों का टेंडर बोली पद्धति से हुआ था। विभाग ने इसके लिए सभी अहातों का अधिकतम मूल्य निर्धारित किया था। इस निर्धारित मूल्य से अधिकतम बोली लगाने वाले को अहाता ठेका दिया जाना था। इसे देखते हुए लोगों ने भी लालच में आकर निर्धारित बोली से दो से तीन गुना ज्यादा कीमत भरकर ऑनलाइन आवेदन किया था। सबसे महंगा अहाता गंजपारा देशी मदिरा का 94 लाख 47 हजार रुपए में, भाठागांव विदेशी मदिरा अहाता 73 लाख 75 हजार, लभांडी विदेशी मदिरा अहाता 61 लाख 54 हजार रुपये, विदेशी मदिरा जीई रोड अहाता 61 लाख 50 हजार में गया था। इसके अलावा अन्य सभी अहाते भी 30 लाख रुपए से लेकर 57 लाख रुपए तक गए हैं। दूसरी गंज पारा की तरफ जिसे ठेका मिलाथा, उन्होंने इस कीमत पर अहाता मिलने पर भी खुशी जताई थी। उनका कहना था कि अहाता मिलने के बाद उसे बड़ा ऑफर भी आ चुका है, जिसे उसने ठुकरा दिया है। 

जमा राशि जब्त के बाद भी कई ठेकेदारों पर निकल रही बड़ी राशि

ठेका मिलने के बाद कई ठेकेदारों ने दो माह की जगह एक माह की ही राशि जमा कराई है, वहीं कई ठेकेदारों ने पिछले दो माह से राशि ही जमा नहीं कराई है। ऐसे में इन ठेकेदारों की जमा राशि जब्त करने के बाद भी उन पर बड़ी राशि बकाया है, जिसकी वसूली की जानी है। वसूली को लेकर ठेकेदार गायब हो चुके है।

निरस्त करने दूसरी सूची हो रही तैयार :

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विभागीय सूत्रों के अनुसार,  56 में 15 अहातों का ठेका निरस्त कर दिया गया है, वहीं एक और सूची तैयार की जा रही है, जिसमें करीब 8 से 10 अहातों के नाम शामिल हैं। इन अहातों के ठेकेदारों ने भी जुलाई में निर्धारित राशि जमा नहीं कराई है। विभाग द्वारा लगातार इन ठेकेदारों को राशि जमा करने कहा जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि राशि जमा नहीं करने पर इन अहातों का ठेका भी निरस्त किया जा सकता है। निरस्तीकरण के बाद क्या होगा अभी यह स्पष्ट नहीं है।

विभाग की बढ़ी परेशानी :

ठेका निरस्त होने के बाद विभाग की परेशानी और बढ़ गई है। एक ओर जहां विभागीय अधिकारियों को निरस्त किए गए अहातों के लिए रीटेंडर निकालने की तैयारी में जुटना पड़ेगा, वहीं दूसरी तरफ ठेकेदारों से पैसा वसूली करने की भी जिम्मेदारी रहेगी, जो की टेढ़ी खीर रहेगी।

15 अहातों का टेंडर निलंबित :

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रायपुर आबकारी उपायुक्त विकास गोस्वामी बताया कि, प्रतिभूति राशि एवं लाइसेंस फीस जमा नहीं करने के कारण 15 अहातों का ठेका निलंबित कर दिया गया है। इनके लिए फिर से टेंडर जारी किया जाएगा। जिन अहातों का ठेका निलंबित किया है, उन ठेकेदारों की जमा राशि जब्त कर ब्लैक लिस्टेड किया है, उनको अगली बार नीलामी में नहीं लिया जायेगा।