रायपुर : अभी तो समय है, अगर आप भी यही सोच रहे है तो, जाग जाइये। अगर आपने अभी तक वित्तीय वर्ष 2023-24 का रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आपके पास केवल 16 दिन का समय बचा हुआ है। अगर आपने 31 जुलाई के बाद रिटर्न जमा किया तो आपको इसके लिए 1000 रुपये से 5000 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके साथ ही सबसे ज्यादा जरूरी चीज यह है कि रिटर्न फाइल भरने में आप किसी भी प्रकार से लापरवाही न करें, नहीं तो आपको जोर का झटका लग सकता है और आयकर विभाग आपकी छोटी सी गलती पर भी नोटिस भिजवा सकती है। इसके लिए आपको जानना जरूरी है कि निवेश के बहुत से माध्यम ऐसे है जिनके ब्याज से मिलने वाली आय पर टैक्स लिया जाता है। इस बार आईटीआर फाईल करते समय आपको अन्य कुछ और भी जानकारियाँ देनी पड़ेंगी, हो सकता है शायद आपको वो जानकारी याद भी ना हो, क्यूंकि आपके आधार और पैन कार्ड से जुड़े ट्रांजेक्शन भी अब ऑनलाईन दिखेंगे, जिनकी जानकारी आपसे पूछी जायेगी।
ईपीएफ के ब्याज पर देना पड़ेगा टैक्स :
आयकर नियमों के तहत ईपीएफ से मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स लिया जा रहा है। इसके तहत एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख रुपये या उससे ज्यादा के पीएफ (प्रोविडेंट फंड) पर मिलने वाले ब्याज को टैक्स के दायरे में लिया गया है। मालूम हो कि वर्ष 2022 के बजट में ही इसे पारित कर दिया गया है। अब इसके अनुसार ज्यादा कमाई करने वालों को भविष्य निधि में मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स देना होगा। जिन करदाताओं का मूल वेतन ज्यादा है, वे इसके दायरे में आएंगे। लेकिन कम बेसिक सेलरी वाले भी इससे प्रभावित हो सकते है।
अगर आपकी वर्तमान आधारभूत वेतन हर महीने 173611 रुपये है और वीपीएफ (वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड) में योगदान नहीं कर रहे है तो आपको कर से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। जिन लोगों की मौजूदा सैलरी इस स्तर से कम है, उन पर भी टैक्स का कोई असर नहीं होगा। इसका कारण यह है कि ईपीएफ अंशदान बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत है। अगर आप 173611 रुपये के 12 प्रतिशत को 12 से गुणा करे तो यह रकम 2.5 लाख होती है।
ऐसे लोग होंगे प्रभावित :
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अब ऐसे करदाता प्रभावित हो रहे हैं, जिनका आधारभूत वेतन तो कम है, लेकिन कुल पारिश्रमिक ज्यादा है। अगर आपका आधारभूत वेतन कुल वेतन का 30 प्रतिशत है तो यह 1.67 गुना बढ़ जाएगी और आप टैक्स के दायरे में आ सकते है। अगर आपकी बेसिक सैलरी 104167 रुपये है तो आप टैक्स से बच सकते है। इससे ज्यादा सैलरी होने पर आपको एक्सट्रा ईपीएफ कंट्रीब्यूशन पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स देना पड़ सकता है। अब इस बार आपके क्रिप्टो और शेयर बाज़ार से सम्बंधित लेनदेन भी ऑनलाईन दिखेंगे जिनकी जानकारी भी आपसे ली जायेगी, नहीं बताने पर आपको दिक्कत हो सकती है।



