रायपुर : मानसूनी तंत्र के प्रभाव से राजधानी रायपुर सहित प्रदेश भर में सोमवार को रुक-रुक कर बारिश होती रही। इसके चलते प्रदेश के मौसम में भी ठंडक आ गई, पारा दो से तीन डिग्री कम हो गया है। हालांकि बारिश के चलते मुख्य मार्गों से लेकर गली मुहल्लों के गढ्डों में भी जलभराव रहा, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। साथ ही सरगुजा और बीजापुर के आसपास भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
मानसूनी के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गति काफी ज्यादा बढ़ गई है, इससे प्रदेश में बारिश की स्थिति में भी सुधार हो रहा है, वहीँ दूसरी तरफ ज्यादा जलभराव से आम जनता परेशान भी हो रही है। शहरी क्षेत्र में गड्ढों से भी आम आदमी परेशान है। वहीँ बारिश को लेकर इससे भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि पांच दिन पहले प्रदेश भर में जो बारिश सामान्य से 28 प्रतिशत कम थी, वह वर्तमान में सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। बारिश अब लगातार बढ़ रही है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से लेकर 22 जुलाई तक प्रदेश में 401.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि वास्तविक रूप में 457.4 मिमी बारिश होनी थी। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक निम्न दाब का क्षेत्र पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित है। इसके साथ ही ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किमी फैला हुआ है।
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मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर जैसलमेर, अजमेर, गुना, चांदबाली और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक 1.5 किमी ऊंचाई तक है। इसके प्रभाव से मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने तथा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। सरगुजा संभाग व उससे लगे बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश की संभावना है। अब लगातार बारिश जारी रहने का अनुमान जताया गया है, जो कि कम से कम 48 घंटे तक जारी रहेगा।



