सुकमा : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के रहने वाली एक आदिवासी महिला ने चार नवजात बच्चों को जन्म दिया है। चार नवजात में से दो लड़के और दो लड़कियां हैं। जानकारी के अनुसार सभी बच्चे स्वस्थ हैं। नवजात बच्चों को जन्म देने वाली महिला सुकमा जिले के जैमर की रहने वाली है। एक साथ चार बच्चों के जन्म से महिला के परिजन बहुत खुश है। चार बच्चों के एक साथ जन्म लेने से डॉक्टर भी हैरान है। महिला के पति कवासी हिड़मा जैमर के सरपंच हैं। उन्होंने बताया कि जगदलपुर में एक निजी अस्पताल में गर्भवती पत्नी का इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने सोनोग्राफी जांच में तीन बच्चे की जानकारी दी थी, लेकिन पत्नी प्रसव के दौरान चार नवजात को जन्म दिया। चौथे बच्चे के जन्म से अस्पताल के डॉक्टर भी हैरान हो गये हैं।
डॉक्टर ने बताया कि सुकमा की आदिवासी महिला दशमी ने चार बच्चों को जन्म दिया है। सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। जन्में नवजात बच्चों में दो लड़के और दो लड़कियां हैं। इनमें तीन बच्चों का वजन दो किलो है, जबकि एक का एक का डेढ़ किलो है। अस्पताल में बच्चों और उसकी मां की अच्छी तरह से देखभाल की जा रही है। महिला के परिजन भी लगातार बच्चों की देखभाल में जुटे हुये है। सभी इस बच्चों के जैम लेने से काफी खुश है।
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कवासी हिड़मा ने पत्नी के एक साथ चार बच्चों के जन्म होने पर खुशी जताई है। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को धन्यवाद कहा है। दरअसल, नवजात बच्चों को जन्म देने वाली महिला दशमी कवासी हिड़मा की तीसरी पत्नी है। इसमें सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात है कि कवासी कि पहली दो पत्नियों को एक भी औलाद नहीं है। हालांकि पहली पत्नी पत्नी हूंगा की एक बेटी थी, जिसकी करीब 14 साल की उम्र में बीमारी की चपेट में आने से मौत हो गई। वर्तमान में अब घर में बड़ी मुश्किल से खुशियाँ आई है।



