सर्दी, सरदर्द और बुखार से छुटकारा पाने के लिये आजमायें ये घरेलु नुस्खे….।

स्वास्थ्य : मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम पकड़ लेता है, ये लगातार होता रहता है, मौसम बदलते ही सावधानी बरतना भी काफी जरुरी है। बदलते मौसम के साथ खान-पान, रहन-सहन में जल्द बदलाव करना बेहतर होता है। ऐसे में यदि आप सर्दी जुकाम से पीड़ित हो जाते है, तो उससे छूटकारा पाने के लिये तुरंत ही देसी उपाय शुरू कर दें, इनसे काफी ज्यादा राहत तुरंत ही मिल जाती है।

सर्दी, सरदर्द, बुखार और बलगम के होने पर :

  1. अगर सर्दी जुकाम हो गया है तो इससे छुटकारे के लिये सरसों तेल में लहसुन छीलकर जला लें और उसके बाद छानकर उस तेल को डब्बे में भर लें और उससे सिर को मालिश कर सो जायें, जल्द आराम मिलेगा, सर्दी कम होने से सरदर्द और बुखार भी कम हो जायेगा।
  2. गले में खराश और कफ जमने पर रात को सोते समय नाक के दोनों छिद्रों में 4 – 5 बूंद सादे सरसों तेल अथवा गाय के शुद्ध देसी घी की डालकर सो जायें, रातभर में छाती से कफ निकल जायेगा।
  3. नाक बंद और सर्दी होने पर कलौंजी जिसे करायत भी कहते है, अथवा अजवाइन को तवे पर गर्म करके पोटली बना लें और उसे हाथ पर रगड़कर सूंघते रहे, काफी आराम मिलेगा।
  4. सर दर्द होने पर लौंग को अच्छे से पीस लें। अब इसे एक साफ रुमाल में डालें और बीच-बीच में सूंघते रहें। अगर दर्द ज्यादा है तो लौंग के तेल में दो चम्मच नारियल का तेल, एक चम्मच सेंधा नमक मिलाएं और इससे माथे की मसाज करें। इससे आपको सिर दर्द से निजात मिलेगी।
  5. अगर सर्दी खत्म होने के बाद भी बलगम की समस्या ख़त्म नहीं हो रही है तो जली हुई लहसुन वाला सरसों तेल नहाने के बाद रोज लगायें, जो कि ऊपर बताया गया है।
  6. सिर दर्द में कई लोग चाय पीना पसंद करते हैं। इसके लिए बेहतर होगा कि आप चाय में काली मिर्च और पुदीना डालकर पिएं।
  7. शहद के साथ तुलसी की कुछ पत्तियों का सेवन करने से खांसी और बुखार से राहत मिलती है क्योंकि यह प्रतिरक्षा स्वास्थ्य में सुधार करता है। रोजाना तुलसी की चाय पीने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम करने में मदद मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार, तुलसी अपने कफ-संतुलन गुण के कारण अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद करती है।
  8. मौसम में ठंडक बढ़ने पर सुबह – सुबह गर्म पानी अथवा कुनकुना पानी पीने की आदत डालें, यह पेट के विकार, एसिडिटी, सर्दी-जुकाम को कम करता है, और शरीर के हल्के दर्द खत्म करता है।

सावन में महत्वपूर्ण महामृत्युंजय मन्त्र, इसकी उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ , पूर्ण सुनना आवश्यक है: https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA