वाशिंगटन (अमेरिका) : कई बार गुगल की सेवाओं पर ऊँगली उठी है, ऐसे ही एक मामले को लेकर अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप गुगल की हरकतों से भड़क गए हैं। ट्रंप ने गुगल को यहां तक कह डाला कि ये जल्द बंद होने की कगार पर पहुंचने वाला है। मामले में ट्रंप ने उनसे जुड़ी खबरों और तस्वीरों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी खबरों को लेकर गुगल पर शुक्रवार को निशाना साधा है। एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, ”गुगल का रवैया बहुत खराब रहा है। वे बहुत गैर-जिम्मेदार रहे हैं और मुझे लगता है कि गुगल बंद होने की कगार पर पहुंचने वाला है, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) इसे स्वीकार करेगी। मुझे सचमुच ऐसा नहीं लगता। आपको बता दें की गुगल कई बार कुछ जरुरी सूचनाओं को दिखने से रोक देता है। इसीलिये भारत में इस मुद्दे को लेकर विकल्प खोजा जा रहा है, वहीँ चाइना में सब उसकी खुद की सेवायें जारी है।
ट्रम्प ने आगे कहा कि गुगल को सावधान रहना होगा।” सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने आरोप लगाया था कि गुगल पर पेनसिल्वेनिया में 13 जुलाई को एक चुनावी रैली के दौरान उन पर हुए जानलेवा हमले के संबंध में कोई तस्वीर या अन्य सामग्री खोजना लगभग असंभव है। हालांकि, गुगल ने पूर्व राष्ट्रपति के आरोपों को खारिज किया था। कंपनी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था, “पिछले कुछ दिनों में, ‘एक्स’ पर कुछ लोगों ने दावा किया है कि सर्च इंजन चुनिंदा शब्दों को ‘सेंसर’ कर रहा है या उन पर ‘प्रतिबंध’ लगा रहा है। ऐसा नहीं हो रहा है। हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं। ये पोस्ट हमारे ‘ऑटोकंप्लीट’ फीचर से संबंधित हैं, जो आपका समय बचाने के लिए आपके मन में चल रहे सवालों के बारे में अंदाजा लगाता है।” इस मामले में गूगल ने अपनी सफाई दी है।
गूगल ने दी ये सफाई :
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गुगल ने स्पष्ट किया था कि ‘ऑटोकंप्लीट’ पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले से जुड़े सवालों के संबंध में कोई अंदाजा नहीं लगा रहा है। यह इसलिए क्योंकि उसमें राजनीतिक हिंसा से जुड़ी सामग्री को छांटने की व्यवस्था की गई है और यह व्यवस्था पुरानी हो चुकी है। कंपनी ने कहा था कि पेनसिल्वेनिया में हुए भयावह घटनाक्रम के बाद इससे जुड़े संभावित सवाल ‘सर्च’ के विकल्प में दिखने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गुगल ने कहा था, “समस्या की तरफ ध्यानाकर्षित किए जाने के बाद उसने सुधार की दिशा में काम शुरू किया और नये फीचर जारी किए जा रहे हैं।” वहीँ भारत में भी इस तरह की शिकायतें और दिक्कतें सामने आई है, जिनमें सबसे ज्यादा फेसबुक पर आरोप लगे है और उसके बाद ट्विटर पर।



