स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जिला अस्पताल में बंटा मुर्गा भात, हिन्दू संगठन के विरोध के बाद हुई कार्यवाही, सामने आया ये मामला….।

पेंड्रा : जिले में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अज्ञात लोगों के द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को चिकन और भात का वितरण कर दिया गया। इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कम्प मच गया, इस मामले की जानकारी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई और वहीं हिंदू संगठन भी अस्पताल पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई। मामले में जानकारी सामने है कि प्रशासन के द्वारा जिला चिकित्सालय के सामने गुरूकुल मैदान में आजादी का पर्व मनाया जा रहा था। उसी दौरान जिला अस्पताल में कुछ अज्ञात लोग खाने-पीने का सामान वितरित करने एक गाड़ी में पहुंचे और मुर्गा – भात वितरण करने लगे। तभी वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने विरोध करते हुए वीडियो भी बना लिया।

जिसके बाद खाना बांटने वाले लोग वहां से चले गये, जिसके बाद घटना के लेकर बवाल मच गया। जब इस मामले की जानकारी सीएमएचओ रामेश्वर शर्मा को मिली तो वो भी मौके पर पहुंचे। जहां स्टॉफ से मामले की जानकारी लेने के बाद गौरेला थाना में इसकी लिखित शिकायत भेजी और एफआईआर के लिये कहा। इस मामले ने और तुल पकड़ लिया जब वहीं सावन के महीने में और स्वतंत्रता दिवस के दिन सरकारी जिला अस्पताल में मुर्गा भात बांटने की जानकारी बजरंग दल और दूसरे संगठनों को हुई तो वो भी जिला अस्पताल पहुंचे। जहां सीएमएचओ के समक्ष नाराजगी व्यक्त करते हुये उन्होंने आपत्ति दर्ज करायी। हिन्दू संगठनों ने धार्मिक और राष्ट्रवादी भावना को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया।

पुलिस ने किया गिरफ्तार :

इस घटना में शामिल आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सावन के महीने में और स्वतंत्रता दिवस के दिन सरकारी जिला अस्पताल में मुर्गा भात बांटने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद गौरेला पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी और इस मामले में गौरेला के एकता नगर के रहने वाले ओवैस खान, पेंड्रा के रहने वाले मोहम्मद शहाबुददीन, गौरेला के रखने वाले सखर फारूखी को बीएनएस एक्ट की प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया जहां सभी को 21 अगस्त तक जेल भेज दिया गया है। 

सीएमएचओ बोले – किसी को भी नहीं दी गई थी अनुमति, बाजू से आये थे :

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इस मामले को लेकर सीएमएचओ रामेश्वर शर्मा ने कहा कि, किसी को भी अस्पताल में इस प्रकार खाना बांटने की परमिशन नहीं दी गयी थी। खाना बांटने वाले लोग मुख्य गेट से नहीं आये थे, जहां सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। वे बाजू में स्थित छोटे दरवाजे से आए थे। इस मामले में अस्पताल प्रबन्धन को बाद में जानकारी मिली। 

वहीँ इस मामले में आपको बता दें कि राष्ट्रीय त्यौहार सहित कुछ महत्वपूर्ण त्यौहारों पर मांस-मदिरा को लेकर प्रशासनिक पाबन्दी रहती है, जिसके बावजूद इस कृत्य को अंजाम देना साबित करता है, कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया है।