कवर्धा : राजनैतिक लाभ के लिये पशुओं को तकलीफ देना कहाँ तक सही है? राजनीतिक उठापटक में बेजुबान गौ वंश का क्या कसूर है। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में कांग्रेस के गौ सत्याग्रह प्रदर्शन के दौरान विचलित कर देने वाला वीडियो सामने आया है। जिसमें दिख रहा है, कि कैसे कांग्रेसी प्रदर्शन से पहले गाय को दौड़ा दौड़ा कर वाहन में भरते हुए दिख रहे है। वहीं मामला सामने आने के बाद से गौ सेवकों ने नाराजगी जताई है। कहा कि, कांग्रेसियों की सद्बुद्धि के लिए उपवास करेंगे। कांग्रेसियों के इस कृत्य को लेकर गौसेवक में काफी नाराजगी है।
दरअसल यह मामला कवर्धा का है जहां पर प्रदर्शन के पहले का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें आप देख सकते है कि, कैसे कांग्रेसी प्रदर्शन के पहले गायों को भगा रहे है यही ही नहीं इसके अलावा गायों को जबरदस्ती बीमार गायों को पिकअप में भरकर ले जाया गया। गायों की हालत ख़राब बताई गई है, वहीँ गौसेवक कांग्रेस पर ये आरोप भी लगा रहे है, कि जिस गाय के नाम पर ये लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे है, उनके खुद के शासन में गायों के साथ कितना अत्याचार हुआ है, क्या उन्हें उसका कोई गम है? बीते 5 साल में नरवा, घुरवा बाड़ी के नाम पर भी सिर्फ राजनैतिक रोटियां ही सेंकी गई है।
सड़क पर मवेशियों के झुंड से हो रहे हादसे :
कल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश भर में गौ सत्याग्रह आंदोलन किया था। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर हल्ला बोला दिया है। कांग्रेसियों का आरोप है कि, विष्णु देव सरकार ने गौधन न्याय योजना को बंद कर दिया है। जिसकी वजह से मवेशी सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। वहीँ भाजपा ने भी पलटवार करते हुये कहा है कि गौधन योजना के नाम सिर्फ गौ धन की कितनी दुर्दशा कांग्रेस के शासन में हुई है, यह आम जनता भलीभांति जानती है।
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राज्य में धान की फसल बरसात के सीजन में ही एगाई जाती है। ऐसे में मवेशियों के खुले में घूमने से किसानों को परेशानी होती है। मवेशी खेतों में घुसकर धान की फसल को चर जाते हैं। किसानों की इसी समस्या को लेकर 16 अगस्त को कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में गौ सत्याग्रह करने का ऐलान किया था। अपने इसी ऐलान को पूरा करते हुए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में गौसत्याग्रह किया। कांग्रेसी सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को पकड़कर अफसरों के दफ्तर ले जाने की कोशिश करते दिखे। यह प्रदर्शन प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया गया था।



