कोचिन (केरल) : लोगों में कुछ कर गुजरने का जूनून होता है तो वो ऐसा कर जाते है जो कि सोच से भी परे होता है, ऐसा कोई अद्भुत जुनूनी काम करने के लिये समय, पैसा, मशक्कत, जूनून और साहस की काफी जरूरत होती है, तब जाकर कोई काम अंजाम तक पहुँचता है। कार ड्राइविंग का शौक तो बहुत से लोगों को होता है लेकिन कनाडा में रहने वाले भारतीय नागरिक 38 वर्षीय अरुण घोष का पैशन कुछ अलग स्तर का है, उनके पास 2014 मॉडल की होंडा अकॉर्ड कार है, उस कार से उन्होंने 10 लाख किमी यात्रा करने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन इसमें एक तकनीकी दिक्कत खड़ी हो गई है, जिससे उनका जूनून अपनी पराकाष्ठा पाने में बाद थोड़ा सा ही दूर रह गया है। कार में दूरी मापक यंत्र यानी ऑडोमीटर केवल छह अंकों को ही दर्शाता है। लिहाजा उनकी यात्रा का आंकड़ा 9,99,999 किमी पर अटक गया है। छह अंकों की बाध्यता के कारण इससे आगे का आंकड़ा ऑडोमीटर रिकॉर्ड नहीं कर सकता है, जिससे अरुण अपना उद्देश्य पाने में अभी कुछ हद तक चूके हुये है।
लिहाजा उन्होंने कार निर्माता कंपनी होंडा से निवेदन किया है कि उनके लिए एक कस्टमाइज 7 अंकों वाले ऑडोमीटर को बनाया जाए ताकि वो अपनी 10 लाख किमी यात्रा के डाटा को रिकॉर्ड कर सकें और उसके आगे की यात्रा को भी दर्ज कर सकें। आमतौर औसतन रोज भी कोई 300 किमी से 500 किमी की यात्रा भी करता है तो उसे कम से कम दस साल का समय लगेगा, और दुर्घटना का डर अलग।
अरुण घोष मूल रूप से केरल के रहने वाले हैं और 2017 में कनाडा शिफ्ट हुए। उन्होंने नियाग्रा कॉलेज में इंटरनेशनल छात्र के रूप में प्रवेश लिया था और 2014 मॉडल की कार खरीदी। वह उस समय तक 90 हजार किमी चल चुकी थी। अरुण को ड्राइविंग का जुनून है और उन्होंने अपनी इस ड्रीम कार से उसके बाद से अब तक 10 लाख किमी की यात्रा कर डाली है, बस एक किलोमीटर पहले ही यह कांटा आकर अटक गया है।
इस मामले में अरुण घोष ने बताया कि दरअसल जब उनकी कार पांच लाख किमी तक पहुंची तो उनके एक दोस्त ने उनके लिए 1 मिलियन यानी 10 लाख किमी का रिकॉर्ड बनाने का आइडिया दिया। बस फिर क्या था, अरुण उसके बाद से लगातार उसको मॉनीटर करते रहे और यात्राएं करते रहें। 30 जुलाई, 2024 को जब वो अपने निर्धारित लक्ष्य से महज 100 किमी दूरी पर थे तो उन्होंने यूएस बॉर्डर के निकट पीस ब्रिज तक पहुंचकर उस रिकॉर्ड को तोड़ने का मन बनाया। अपने दोस्तों के साथ वो निकल भी पड़े लेकिन ये क्या जैसे ही वो निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचे तो देखा कि उनका कांटा 9,99,999 किमी पर अटक गया है। दरअसल उसके आगे बढ़ने के लिए 7 अंकों को पढ़ने वाले ऑडोमीटर की जरूरत थी जोकि कार में संभव नहीं था। अब इसके बाद उनकी पूरी होती यात्रा आकर यहाँ रुक गई। अब जब लम्बे सफ़र पर निकला था अरुण और फिर 9,99,999 कि.मी. पर अटक गया है कांटा, अब आगे क्या होगा?
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उन्होंने होंडा कंपनी से संपर्क किया है और एक कस्टमाइज आइटम का अनुरोध किया है। इस बारे में होंडा कनाडा के प्रवक्ता केन चियु ने अरुण घोष की उपलब्धि को अनोखा रिकॉर्ड बताया और कहा कि ये जश्न मनाने लायक रिकॉर्ड है। एक स्थानीय होंडा डीलर ने कहा कि उसने 20 वर्षों के अपने करियर में अब तक ऐसी अनोखी उपलब्धि नहीं देखी है, इससे पहले उन्होंने होंडा की एक साढ़े 7 लाख किमी चलने वाली कार का रिकॉर्ड तो देखा था लेकिन ये अपनी तरह का उनके लिए अनोखा मामला है। अब इसके लिये कंपनी उपाय करेगी यह सामने नहीं आ पाया है।



