रायपुर : सिंधी समाज द्वारा चालीहा महोत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, ऐसी मान्यता है कि सिंध प्रांत में जब सिंधी समाज जन निवासरत थे। तब उस समय के मुगल बादशाह द्वारा अनेक अत्याचार उनके ऊपर किया जा रहे थे तब सिंधी व हिंदू समाज सिंधु नदी के किनारे एकत्रित हुए व 40 दिनों तक व्रत उपवास रखकर भगवान ईश्वर की आराधना की जिससे वहां आकाशवाणी हुई की वरुण अवतार भगवान झूलेलाल जन्म लेंगे। 40 दिनों के आराधना के पश्चात भगवान झूलेलाल ने अवतरण लिया तथा मुगल बादशाह के अत्याचारों का अंत किया। इस मान्यता को ध्यान में रखते हुए सिंधी समाज जन 40 दिनों तक व्रत उपवास रखकर भगवान झूलेलाल की आराधना करते हैं।
अब चालीहा महोत्सव का समापन हो चुका है, तथा 27 व 28 अगस्त को भजन कीर्तन सत्संग के साथ-साथ एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें आस की मटकी व बहराणे साहब की शोभायात्रा निकाली जाएगी जो की मरीन ड्राइव में जाकर समाप्त होगी। आयोजन को लेकर सुभाष बजाज व तनेश आहूजा ने बताया कि आयोजन को सुचारू रूप से करने के लिए अनेक समितियों का गठन किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से लंगर सेवा सिंधु एकता संघ की गौ सेवा टीम व एमडी ग्रुप को दी गई है वहीं जुलूस व बहराणे साहब की व्यवस्था महावीर नगर पंचायत को दी गई है, तथा एक पहल और व सेवा पथ के सेवादारियों को सतसंग व अन्य सेवाओं हेतु अधिकृत किया गया है। आयोजन में शामिल होने हेतु शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल जी को भी आज दरबार में जाकर आमंत्रित किया गया।
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