रेलवे स्टेशन में पार्किंग ठेका रद्द, अब नये ठेके के बाद लागू होगा ये नियम….।

रायपुर : भाटागांव बस स्टैंड में मनमानी के कारण ठेकेदार का ठेका रद्द कर दिया गया था और अब रेलवे स्टेशन से भी अब उक्त ठेकेदार की मनमानी खत्म हो गई है। रेलवे स्टेशन परिसर में अब पार्किंग व्यवस्था पहले जैसी ही रहेगी। अब आने-जाने का कोई शुल्क यात्रियों और उनके परिजनों को नहीं देना पड़ेगा, आये दिन होने वाले विवादों से अब आम लोगों को छुटकारा मिल जायेगा। लेकिन अब परिसर के नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन रखने पर ठेकेदार के बजाय रेलवे सुरक्षा के जवान (RPF) जुर्माने की कार्यवाही करेंगे। ऐसी ही व्यवस्था पिछले कई सालों से चल रही थी, जिसमें रेलवे ने बदलाव करते हुए बूम बैरियर सिस्टम लागू कराया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया, लगातार इसके कारण बवाल मचता रहता रहता था। लगातार शिकायतों के बाद अब पार्किंग ठेका निरस्त किया गया है और नया ठेका ओपन टेंडर से करने के लिए गुरुवार को शाम 5 बजे तक आखिरी तारीख तय की गई है। यह टेंडर आज से खुल गया है।

स्टेशन के मुख्य परिसर की तरफ दोपहिया और कारों के लिए अलग-अलग पार्किंग क्षेत्र तय किया गया है। उन्हीं दोनों जगहों पर आने-जाने वालों को अपने वाहन रखने होंगे। लेकिन ज्यादा कमाई के चलते रेलवे प्रशासन ने सालभर पहले ऐसा ठेका जारी किया कि लोगों का 10 मिनट रुकना भी मुश्किल होने लगा था। क्योंकि बाइक वालों के लिए एंट्री करते ही 5 मिनट और कार वालों के लिए 7 मिनट का समय तय कर दिया गया था। इससे एक या दो सेकंड ज्यादा होते ही 10 रुपए और 20 रुपए वसूलने की शर्ते लागू कर दी थी। इससे हर यात्री परेशान होने लगा और लगातार वाद-विवाद की स्थितियां निर्मित होने लगी। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन को उस ठेका शर्तों को निरस्त करना पड़ा और नए सिरे से पहले जैसी व्यवस्था को लागू करनी पड़ी है।

लोग आराम से आ-जा सकेंगे :

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अब नये ठेके के बाद रायपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी के अनुसार स्टेशन परिसर में पार्किंग को लेकर काफी शिकायतें थीं। ठेकेदार को कई बार व्यवहार सुधारने की हिदायत दी गई थी, इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। इसलिए नया पार्किंग ठेका होगा, जिससे कि रेलवे स्टेशन परिसर के पार्किंग स्टैंड में वाहन रखने पर ही शुल्क देना पड़ेगा। यात्री और उनके परिजन अपने वाहनों से स्टेशन में आराम से आ-जा सकेंगे। नो-पार्किंग क्षेत्र में कार्यवाही करने का अधिकारी रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF के पास होगा। अब इससे यात्री और उनके परिजन