शिक्षक की आत्महत्या मामले में पूर्व मंत्री अकबर की जमानत याचिका ख़ारिज, सामने आया ये मामला….।

बालोद : शिक्षक दिवस के दिन एक हेडमास्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस लाश के आसपास खोजबीन शुरू किया तो एक सुसाइड नोट मिला था। इस सुसाइड नोट में मृतक ने अपनी आत्महत्या के लिए चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया था। घटना को लेकर सामने आया है कि आदिवासी समाज के एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले शिक्षक देवेंद्र कुमार कुमेटी ने आत्महत्या की थी। मृतक शिक्षक ने मरने से पहले सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें उसने पूर्व मंत्री मो. अकबर सहित तीन अन्य लोगो को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।

मामले में अकबर की जमानत याचिका ख़ारिज :

वहीँ अब इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व वन मंत्री मोहम्मद अकबर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। बालोद के जिला सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई गई थी। हेडमास्टर को सुसाइड के लिए उकसाने के मामले में पूर्व मंत्री अकबर आरोपी है। हेडमास्टर के सुसाइड मामले में पूर्व मंत्री अकबर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगे है। इसी फैसले पर सुनवाई करते हुए बालोद के जिला सत्र न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत याचिका की खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा की  मामला गंभीर है, ऐसे  में मामले में अधूरी विवेचना जांच को प्रभावित कर सकते है। साथ ही साक्ष्यों को छेड़छाड़ कर सकते है। मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी।

सुसाइड नोट में लिखा एक व्यक्ति का नाम :

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सुसाइड नोट में हेडमास्टर ने लिखा है कि, नौकरी के नाम पर ठगे गए पैसे को अब तुम दिलाओगे। ऐसा एक व्यक्ति के नाम के साथ उल्लेखित किया गया था । सुसाइड नोट में कुछ बड़े नेताओं के नाम भी शामिल थे। वहीं पुलिस ने अब इस मामले में बाकी आरोपियों को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं, जिसमें एक व्यक्ति खुद को पूर्व मंत्री का भांजा बताता था। वहीँ अब इन आरोपियों पर ठगी के साथ साथ आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गम्भीर मामले में अपराध दर्ज है ।