हां मैं सट्टा खिलाता हूं, पुलिस को रोज 5000 रुपये देता हूं, दम है तो सट्टा किंग को पकड़कर दिखाओ, पुलिस के सामने पोल खोलता हैरान करने वाला मामला।

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में सट्टे का कारोबार जमकर फल-फूल रहा है। सट्टे का कारोबार इतना ज्यादा बढ़ गया है कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने जुआ-सट्टा पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। जिसको लेकर ताबड़तोड़ कार्यवाही चल रही है। वहीँ एक सटोरिये को पकड़ने के दौरान फ़िल्मी अंदाज वाली घटना सामने आ गई। मामले में सामने आया है कि बिलासपुर में सट्टा खिलाने वाले ने बवाल मचा दिया। बुधवार को सटोरिया ने पुलिस को बड़ी चुनौती दे डाली। पुलिस ने तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाले सटोरिए को जैसे ही पकड़ा तो सटोरिया बोला -हां मैं सट्टा खिलाता हूं और पुलिस को रोज 5000 रुपए भी देता हूं। पुलिसवाले रोज पैसे लेने आते हैं। मुझे पकड़कर क्या करोगे। दम है तो सट्टा किंग को पकड़कर दिखाओ…। 

जब पुलिस ने पकड़ा तो फिर मचाया बवाल :

सटोरिये ने सीधा कहा ‘हां मैं सट्टा खिलाता हूं…, तोरवा पुलिस को रोज 5000 रुपये भी तो देता हूं। सिपाही खुद रोज हिस्सा लेने आता है। रेलवे क्षेत्र में मै अकेले नहीं हूं। मुझे पकड़कर क्या कर लोगे। मैं पैर से दिव्यांग हूं। हिम्मत है तो उसे पकड़कर दिखाओ जो बुधवारी का सट्टा किंग है। अरे पुलिसवालों, दो दिन में छूट जाऊंगा। फिर देखना मैं क्या कर सकता हूं।’ ये कोई फिल्म का डायलाग नहीं, बुधवार को शंकर नगर में रंगे हाथों पकड़े गए एक सटोरिए की आईपीएस को चुनौती थी। इस चुनौती ने पुलिस को भी सकते में डाल दिया वहीँ, पुलिस की सहमति से नाक के नीचे सट्टा चलने की पोल इस सटोरिये ने खोलकर रख दी।

मामले में सामने आया है कि शंकरनगर-बापू नगर क्षेत्र में सट्टा का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। चुचुहियापारा शराब दुकान हटने के बाद से सट्टा के लिए सुबह-शाम यहां मजमा लगता है। मोहल्लेवासियों ने कई बार तोरवा पुलिस से इसकी शिकायत की, लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला।

पुलिस ने सटोरिए को दौड़कर पकड़ा :

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उल्टा पुलिस सटोरिए पर मेहरबान नजर आई, इससे और बवाल बढ़ गया। बुधवार को इसका असर भी दिखा। सिविल लाइन सीएसपी उमेश गुप्ता (आईपीएस) ने अचानक छापामार कार्यवाही की। सटोरिया संतोष बजाज ने एक पैर से दिव्यांग होने के बाद भी भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ा। इसके बाद सटोरिया बिफर गया। देखते ही देखते लोगों की भीड़ भी घटना स्थल पर जुट गई। बल का प्रयोग करते हुए पुलिस सटोरिए को तोरवा थाने ले गई।

सटोरिया तोरवा पुलिस पर आक्रामक हो गया। कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान वह आत्महत्या की धमकी भी देने लगा और रेलवे ट्रैक की ओर भागने की कोशिश करने लगा। साथ ही गमछे को अपने गले में कसने की कोशिश करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे रोका। लंबे इंतजार के बाद पेट्रोलिंग गाड़ी पहुंची और सटोरिए को पकड़कर थाने ले जाया गया। वहां उसके खिलाफ सट्टेबाजी के मामले में कार्यवाही की गई।

टीआई ने नहीं उठाया काल, पेट्रोलिंग भी नहीं पहुंची :

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कोतवाली सीएसपी पूजा कुमार (आईपीएस) भी पहुंचीं। तोरवा टीआई राहुल तिवारी को फोन घुमाया गया। लेकिन, उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद उनसे अधिकारियों का संपर्क हो पाया। इसके बावजूद टीआई तो दूर, थाने के सिपाही और पेट्रोलिंग गाड़ी भी आने से कतरा रहे थे। लोगों की भीड़ देखकर आईपीएस गुप्ता बेहद नाराज हुए। बाद में पेट्रोलिंग की गाड़ी पहुंची। मामले में सटोरिए ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को खूब भला-बुरा कहा और वसूली के आरोप भी लगाए। एक सिपाही को उसने उंगली दिखाते हुए देख लेने की बात तक कह डाली। आखिर में आईपीएस उमेश गुप्ता ने सख्ती दिखाते हुए सटोरिए को गिरफ्तार करने को कहा। जमकर फटकार भी लगाई और कड़ी कार्यवाही की बात कही। आमजन में इस कार्यवाही को लेकर खुशी दिखी।

वही दूसरी तरफ रेलवे व आसपास क्षेत्रों में कुछ महीनों में जुआ-सट्टा और चोरियां भी बढ़ी हैं। यहां तक कि मंदिरों की दानपेटी भी नहीं बची है। पुलिस ने चोर को पकड़ने का दावा भी किया, लेकिन चोरी हुई रकम का अब तक कोई पता नहीं चला है। सीएसपी की कार्यवाही के बाद अब लोगों को उम्मीद जगी है कि इस क्षेत्र में अपराधी अब डरेंगे। जबकि उक्त सटोरिया तो पुलिस को ही देख लेने की धमकी देने लगा।

क्षेत्र में जुआ-सट्टा को लेकर काफी समय से शिकायत मिल रही थी। हमने सटोरिए को तोरवा थाने को सौंप दिया है। एक और नाम हमारे पास आया है। अभी इसकी जानकारी नहीं दे सकते। उमेश गुप्ता (आइपीएस)सिविल लाइन सीएसपी

सटोरिए पर जुआ एक्ट की कार्यवाही की गई है। पकड़े गए सटोरिए से और भी पूछताछ जारी है। : राहुल तिवारी, टीआई तोरवा थाना