पटरी पर टेलीकॉम का खंभा रख रची हादसे की साजिश, लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी ट्रेन।

नई दिल्ली : देशभर में जगह -जगह रेल हादसों को लगातार देशद्रोही तत्व अंजाम देने में लगे हुये है, लगातार ऐसी ही घटनायें सामने आ रही है, जिससे रेलवे के नुकसान के साथ -साथ यात्रियों की जान भी जोखिम में फंस रही है। वहीँ अब एक और साजिश नाकाम हो गई है, एक लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ ने एक बड़े रेल हादसे को टाल दिया। यह घटना उत्तराखंड के बिलासपुर रोड और रुद्रपुर सिटी के बीच की है। दरअसल, 18 सितंबर की रात को ट्रेन संख्या 12091 बिलासपुर रोड से रुद्रपुर की ओर जा रही थी। रात के करीब 10 बजे रहे थे। गाड़ी अपनी रफ्तार में गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। इसी बीच लोको पायलट को ट्रैक पर कुछ रखा हुआ दिखा। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। रात 10 बजकर 18 मिनट पर लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर/रुद्रपुर सिटी को सूचना दी कि उसे बिलासपुर रोड और रुद्रपुर सिटी के बीच किमी 43/10-11 पर ट्रैक पर एक 6 मीटर लंबा लोहे का खंभा मिला है। जिसको लेकर तुरन्त घटनास्थल पर रेलवे की टीम पहुंची।

GRP ने 3 संदिग्धों को किया गिरफ्तार  :

लोको पायलट ने ट्रेन को रोकने के बाद पटरी पर रखे टेलीकॉम के पुराने खंभे को वहां से हटाया और फिर ट्रेन को सुरक्षित वहां से रवाना किया। उत्तर रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक आरपीएफ ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद इस बात की जांच शुरू कर दी है कहीं यह ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोई साजिश तो नहीं है, ऐसे ही कई मामलों को लेकर रेलवे विभाग सतर्कता बरत रहा है। इस मामले में भी GRP ने 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ कि जा रही है।रेल पटरी पर जो खंभा रखा हुआ था उस खंभे के ऊपर सफेद पेंट से 43-10 लिखा हुआ है।

पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं :

हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जब पटरी पर अलग अलग तरह की चीजें रखकर ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है। हाल के दिनों में कानपुर और अजमेर में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं , जिसके बाद रेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। कहीं पटरी पर लोहे के टुकड़े रखे गए तो कहीं पत्थर रखकर ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। कई जगहों पर दुर्घटनाएं भी सामने आई है, कुछ जगहों पर मालगाड़ी भी पटरी से उतरने की खबरें सामने आई है।

ट्रैक पर एलपीजी सिलेंडर :

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पिछले दिनों भी कानपुर में रेल ट्रैक पर एलपीजी सिलेंडर रख दिया गया था। वहां से गुजरनेवाली कालिंदी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची थी। उधर, अजमेर में भी रेलवे ट्रैक पर सीमेंटेड ब्लॉक रखा हुआ मिला था। यूपी के गाजीपुर जिले में रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का एक बड़ा टुकड़ा पड़ा था जो स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के इंजन में फंस गया था और ट्रेन में तकनीकी खराबी आ गई थी।

साल 2024 में अब तक कई छोटे – बड़े ट्रेन हादसे हो चुके हैं। वहीँ अधिकतर हादसे सावधानीपूर्वक बच गये। इनमें से कुछ प्रमुख घटनाएं ये रहीं : 

  • 17 अगस्त, 2024 को उत्तर प्रदेश के कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हालांकि, इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ और न ही किसी की जान गई।
  • 17 जून, 2024 को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी की टक्कर हो गई थी। इस हादसे में मालगाड़ी के लोकोपायलट समेत 10 लोगों की मौत हुई थी।
  • 18 मार्च, 2024 को साबरमती आगरा कैंट सुपरफ़ास्ट एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकरा गई थी। 
  • 2 जून, 2024 को पंजाब के फ़तेहगढ़ साहिब में बड़ा रेल हादसा हुआ था।

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