रायपुर : गैस में कम तौल से जहाँ आम उपभोक्ता परेशान है वहीँ कालाबाजारी भी चरम पर है। शहर में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी लगातार चल रही है। यहाँ अवैध रूप से कई रिफलिंग गोदाम संचालित हो रहे हैं, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों को खपाया जा रहा है। उसका गैस निकालकर छोटे सिलेंडरों या अन्य सिलेंडरों में भरा जाता है। दूसरी तरफ गैस सिलेंडरों की बुकिंग के दौरान मिलने वाली ओटीपी का भी मिलान नहीं किया जा रहा है। वहीँ कई गैस एजेंसी वाले इस ओटीपी का मिलान भी नहीं कर रहे हैं और न ही बुकिंग करने वाले को वेरीफाई कर रहे हैं। इस तरह के अधिकतर गैस सिलेंडर कालाबाजारी के काम आते है। उल्लेखनीय है कि त्योहारी सीजन में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी बढ़ जाती है। मोवा के अलावा खमतराई, कबीर नगर, उरला, राजेंद्र नगर, तेलीबांधा जैसे इलाकों में अवैध रूप से गैस रिफलिंग किया जाता है।
रजिस्टर्ड नंबर पर ही आता है ओटीपी :
गैस का कनेक्शन लेते समय कंज्यूमर रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ जो मोबाईल नंबर दर्ज होता है, उसी में गैस सिलेंडर के लिए ऑनलाईन बुकिंग कराते हैं। बुकिंग के बाद उसी नंबर पर ओटीपी नंबर आता है, यह नंबर बाद में बदला भी जा सकता है। इसके बाद संबंधित गैस एजेंसी सिलेंडर घर पहुंचाती है, तो सिलेंडर देने से पहले ओटीपी नंबर का मिलान करना होता है, लेकिन कई बार एजेंसी वाले ओटीपी नंबर का मिलान नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा उसको वेरीफाई भी नहीं कर रहे हैं। इससे कई गैस सिलेंडर अवैध रूप से ब्लैक में बेचा जा रहा है।
बढ़ जाती है खपत :
राम से बड़ा है राम का नाम , रोज सुने यह धुन , लिंक पर करें क्लिक : https://www.youtube.com/watch?v=TIkGGHYTb_Y
राजधानी में कुल 11 गैस एजेंसी हैं। त्योहार के सीजन और बारिश-ठंड के मौसम में घरेलू गैस की खपत बढ़ जाती है। इसके साथ ही इसकी कालाबाजारी भी शुरू हो जाती है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में कमर्शियल सिलेंडरों के बजाय घरेलू गैस सिलेंडरों को ब्लैक में बेचा जाता है। इसमें कई एजेंसी वालों की भी मिलीभगत रहती है। ये सब होटल वालों को गैस सिलेंडर बेचते है।



