कल कांग्रेस का छत्तीसगढ़ बंद का आव्हान, चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने कहा….।

रायपुर : कवर्धा जिले में आगजनी और जेल में मौत के बाद कानून-व्यव्स्था पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। लेकिन शुक्रवार की शाम कांग्रेस के इस आह्वान को छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स के निर्णय के बाद बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ बंद को चैंबर ऑफ कॉमर्स ने समर्थन नहीं देने का निर्णय लिया है।  इस मामले में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने अपने निर्णय से अवगत कराते हुए चैंबर से बंद के लिए समर्थन मांगा था। कांग्रेस की मांग पर निर्णय करने के लिए चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बंद को समर्थन नहीं देने का फैसला किया गया है।

कवर्धा में की थी बंद की घोषणा :

गुरुवार की शाम कवर्धा में पीसीसी चीफ दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में मीडिया को शनिवार को बंद के आह्वान के संबंध में जानकारी दी गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि, प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। कांग्रेस ने जेल में मौत को पुलिस की करतूत बताया है।

चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने कहा :

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि 21 सितम्बर को प्रस्तावित बंद को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का दिनांक 19 सितम्बर 2024 का पत्र आज दिनांक 20 सितम्बर 2024 को दोपहर 12 बजे चेंबर कार्यालय को प्राप्त हुआ, जिसमे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कराए जा रहे बंद को समर्थन देने का आग्रह किया गया है। बंद का समर्थन करना केवल कार्यकारिणी का क्षेत्राधिकार है। इतने अल्प समय में प्राप्त सूचना में कार्यकारिणी की बैठक बुलाना संभव नहीं है।

राम से बड़ा है राम का नाम , रोज सुने यह धुन , लिंक पर करें क्लिक :   https://www.youtube.com/watch?v=TIkGGHYTb_Y

वहीँ इसके अलावा चूंकि चेम्बर से प्रदेश के छोटे-छोटे व्यापारी, रेहड़ी पटरी, एवं व्यापारिक संगठन जुड़े हुए हैं जो फल-सब्जी, दूध एवं अन्य कच्चे सामान का व्यवसाय करते हैं। बिना पूर्व सूचना के आकस्मिक बंद से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इतने अल्प समय में बिना पूर्व सूचना अथवा व्यापारिक संघों की बैठक लिये बगैर ”छत्तीसगढ़ बंद” का समर्थन करने में चेंबर असमर्थ हैं। निजी स्कूल एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि इस तरह के आंदोलन में बसें संचालित करने वाले स्कूल आम तौर पर बंद रहते हैं। कांग्रेस के बंद में समर्थन देने पर कहा कि सुरक्षा को ध्यान में देखते हुए निजी स्कूल संचालक अपना निर्णय ले सकते हैं।