आस्था के साथ खिलवाड़, माँ बम्लेश्वरी ट्रस्ट में इस तरह चढ़ता है श्रीप्रसाद, सामने आया चौंकाने वाला मामला।

डोंगरगढ़ : तिरुपति बालाजी मंदिर के श्री प्रसाद से जुड़े विवाद के बाद देशभर में प्रसाद की जांच को लेकर सरकारी विभाग सक्रिय हो गये है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में भी खाद्य विभाग और शासन प्रशासन अलर्ट मोड में आ गए हैं। प्रदेश के सभी मंदिरों में प्रसाद वितरण होने वाले प्रसाद की जांच की जा रही है। इसी क्रम में राजनांदगांव जिले के सुप्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी देवी की नगरी डोंगरगढ़ में भी खाद्य विभाग ने भी चौकस हो कर जांच पड़ताल की है। वहीँ ऐसे में आस्था का विषय होने के कारण मंदिरों में बटने वाले इलाइची दाना प्रसाद बनाने वाले उद्योग में डोंगरगढ़ से 5 किलोमीटर दूर ग्राम राका में जब खाद्य विभाग की टीम पहुंची। खाद्य विभाग के अधिकारी ग्राम राका में इलायची दाना बनाने वाले उद्योग में जाकर उद्योग में बनी इलायची दाना का सेंपल टेस्टिंग के लिए ले गए। यहाँ इलायची दाना बड़ी मात्रा में बनाया जाता है। वहीँ आस्था के विषय को लेकर मंदिरों के प्रसाद को लेकर भक्तगण भी असमंजस में है कि प्रसाद लें या ना लें।

भ्रामक जानकारियों का मंदिर ट्रस्ट ने खंडन किया :

भ्रामक जानकारियों यह पूरा मामला राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम राका में स्थित इलायची दाना बनाने वाले उद्योग का बताया गया है। जहां शासन के आदेश के बाद जिला खाद्य एवम् औषधि की टीम पहुंची। बनाए जा रहे इलायची दाना सेंपल टेस्टिंग के लिए साथ ले गए है। उसके बाद से लगातार सोशल मीडिया में कई तरह की मंदिर के प्रसाद से जुड़ी भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही है। जिसका खंडन देर शाम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा किया गया है। इन अफवाहों को लेकर मंदिर प्रशासन ने किनारा किया, कहा ये सब भ्रामक है।

ट्रस्ट समिति बोली – स्वयं ही बनाते हैं भोग प्रसाद :

मां बमलेश्वरी ट्रस्ट समिति ने बताया कि, मंदिर का भोग प्रसाद उनके स्वयं के द्वारा ही बनाया जाता हैं और दर्शनार्थियों के द्वारा ही प्रसाद लाया जाता है। नवरात्र का समय है। ऐसे में इस प्रकार की भ्रामक जानकारियां फैलाना गलत है। इससे लोगों की आस्था पर चोट पड़ती है। प्रथम दृष्टया ही गड़बड़ी पाए जाने पर इलायची दाना का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है। इधर श्रीप्रसाद जिसका मालिक मजहर ख़ान है उसको लेकर दिनभर अफवाह उड़ती रही कि यह प्रसाद डोंगरगढ़ स्थित बम्लेश्वरी देवी के दरबार में चढ़ता है और दर्शनार्थियों को इसका वितरण किया जाता है पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए नारियल का ही प्रसाद दिया जाता है।

उद्योग मालिक मजहर ख़ान बोले – मंदिर नहीं जाता इलायची दाना :

वहीं इस मामले में उद्योग के मालिक मजहर ख़ान ने बताया कि, यह उद्योग मेरा पुश्तैनी काम हैं और इसे वर्ष 1985-86 में चालू किया गया था। यहां सिर्फ शक्कर की चासनी बना कर इलायची दाना बनाया जाता हैं। इसमें कोई भी केमिकल का उपयोग हमारे द्वारा नहीं किया जाता हैं और सिर्फ हम लोग सिजनेबल ही काम किया करते हैं। हमारे द्वारा यह प्रसाद मंदिर में नही भेजा जाता हैं। हम लोग राजनांदगांव, लोकल डोंगरगढ़ मार्केट में यह इलायची दाना बेचते हैं। जो लोग हमारे उद्योग के विषय में भ्रामक अफवाहें फैला रहे हैं वो पूर्णतः निराधार हैं, रही बात पोल्ट्री फार्म की तो वह मेरा नही है। मेरे भाई के द्वारा संचालित किया जाता हैं, वह हमारे उद्योग से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिसे कुछ लोगों द्वारा मेरे उद्योग से जोड़कर भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं। हमारे उद्योग को खाद्य विभाग से लाइसेंस भी प्राप्त हैं। 

नियमों के विपरीत हो रही थी पैकेजिंग :

नारियल फोडने पर प्रतिबंध लगे होने की स्थिति में मिश्री का प्रसाद वितरण करते हैं। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बताया कि जिस फैक्ट्री में छापामार कार्यवाही हुई है, वहां से प्रसाद की खरीदी नहीं करते हैं। वहीं फूड एंड सेफ्टी विभाग के अफसर डोमेन्द्र ध्रुव ने बताया कि शिकायत मिलने पर राका स्थित फैक्ट्री में दबिश दी गई। प्रथम दृष्टया ही श्रीप्रसाद का निर्माण नियमों के विपरीत हो रहा था। पैकेट में उत्पादन और एक्सपायरी तिथि का जिक्र नहीं किया गया है। फैक्ट्री में साफ-सफाई का भी अभाव देखा गया।

राजनांदगांव खाद्य विभाग के गुरुवार को पड़े छापे से पता चला है कि मां बम्लेश्वरी को चढ़ने वाला चिरौंजी दाना मजहर खान नामक व्यक्ति के मुर्गी पालन पोल्ट्री फार्म में बनता है। मजहर खान के पोल्ट्री फार्म में बड़ी मात्रा में ‘श्री प्रसाद’ नाम से इलायची दाना बनाया जा रहा था। जबकि पूरे क्षेत्र में प्रसाद की दुकानों पर यही सामग्री छोटे-छोटे पाउचों में बिक रही है, जो कि भक्तों द्वारा सीधा मंदिर में चढ़ाई जाती है। वहीँ सवाल उठ रहे है, है कि मुस्लिम की फैक्ट्री में प्रसाद का हिन्दू नाम क्यूँ रखा गया है, क्या वहां शुद्धता की गारंटी है?

खाद्य विभाग बोले – जांच के बाद सामने आएगी जानकारी :

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इस पूरे मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी डोमेंद्र ध्रुव ने बताया कि, राका में संचालित इलायची दाना उद्योग में जाकर सैंपल टेस्टिंग के लिए लेकर आए हैं। जगह पर तैयार माल पर तिथि, बैच नंबर अंकित नही पाया गया है। आगे जॉच रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो पायेगा की इसमें मिलावट हैं या नही। वहीँ इस मामले में सवाल उठ रहे है कि लोकल बाज़ार में