रोज सुबह भगवान से माफ़ी मांगते थे श्रीराम के पक्के भक्त ‘रामायण’ के ‘रावण’, बताई थी ये बात….।

मुंबई (महाराष्ट्र) : रामानंद सागर का सीरियल ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के इतिहास के सबसे सफल पौराणिक धारावाहिकों में से एक है। इस पौराणिक सीरियल ने दुनियाभर के जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी थी, तीस साल के बाद तो इसने बड़े ही रिकार्ड तोड़ दिये थे, यह दुनियाभर में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला धारावाहिक बना। इस धारावाहिक में दिवंगत अभिनेता अरविंद त्रिवेदी ने ‘रावण’ का किरदार निभाया था और इस किरदार से खूब शोहरत हासिल की। लंकाधिपति रावण यानी लंकेश का किरदार अरविंद त्रिवेदी ने कुछ ऐसे निभाया कि आज भी रावण का जिक्र होने पर उन्हीं का चेहरा लोगों की आंखों के सामने से गुजर जाता है।

वैसे तो ऐसे और भी कई एक्टर हैं, जिन्होंने टीवी शो और फिल्मों में ‘रावण’ का किरदार निभाया है, लेकिन जो बात अरविंद त्रिवेदी में थी, वो किसी और में कहां। उन्होंने अपने अभिनय की ताकत से नकारात्मक छव‍ि को पर्दे पर जीवंत कर दिया था। गुजराती थियेटर से अपने कर‍ियर की शुरुआत करने वाले अरविंद त्रिवेदी को 1986 में दूरदर्शन पर शुरू हुए ‘रामायण’ सीरियल ने देश और दुनिया भर के टीवी दर्शकों का चहेता बना दिया था। आज भी जब लोग रावण का नाम लेते है तो इनके जेहन में अरविंद त्रिवेदी का ही चेहरा सामने आता है।

रावण के किरदार के चलते होता था मानसिक तनाव :

चलते हुये चलते हुये भक्त आते है, माता के दरबार में दुःख भूल जाते है : https://www.youtube.com/watch?v=KloC5tU4kkQ

असल जिंदगी में अरविंद त्रिवेदी बिलकुल भी वैसे नहीं थे, जैसा उन्होंने रामायण में किरदार निभाया था। वो असल जिंदगी में प्रभु श्रीराम के बहुत बड़े भक्त थे। अरविंद त्रिवेदी का जन्म मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में हुआ था। रामायण में अपने किरदार के चलते एक्टर को शूटिंग के समय कई दफा भगवान राम को अपशब्द कहने पड़ते थे। अपने किरदार के चलते उन्हें थोड़ा मानसिक तनाव भी होता था, इसके लिए वो भगवान राम से रोज माफी भी मांगते थे। अभिनेता ने खुद ही इस बात का खुलासा, कई बार टीवी इंटरव्यू में किया था। उन्होंने ने माता के रूप में दीपिका का हरण करने पर भी कई बार माफ़ी मांगी थी। अपने अंत समय में जब उन्होंने रामायण में यह सीन देखा तो रो-रोकर माफ़ी मांगी थी।

रावण का किरदार निभाकर अमर हो गए अरविंद त्रिवेदी :

चलते हुये चलते हुये भक्त आते है, माता के दरबार में दुःख भूल जाते है : https://www.youtube.com/watch?v=KloC5tU4kkQ

एक ओर जहां इस सीरियल से एक्टर अरुण गोविल को राम और दीपिका चिखलिया को माता सीता के रूप में लोकप्रियता मिली, तो वहीं एक्टर अरविंद त्रिवेदी को भी रावण के रूप में खूब सराहा गया गया। इसमें उनके बोला गया एक-एक संवाद सदा के लिए अमर हो गया। रामायण के जरिए उन्होंने दर्शकों के मन पर अपने अभिनय की ऐसी छाप छोड़ी कि आज भी लोग रावण के किरदार में उन्हें ही देखते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज, बुलंद आवाज और हंसने का तरीका बेहद शानदार था। रामानंद सागर के धारावाहिक में एक-एक किरदार ने बखूबी अपनी अदाकारी दिखाई।

6 अक्टूबर 2021 को हो गया था निधन :

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कोरोना काल में जब दोबारा रामायण टीवी पर टेलीकास्ट किया गया तो एक बार फिर दर्शकों के बीच अरविंद त्रिवेदी की हंसी गूंज उठी। हालांकि, 6 अक्टूबर 2021 को अरविंद त्रिवेदी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उन्होंने 83 साल की उम्र में अंतिम सांस ली और इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने अपने केरियर के दौरान सैकड़ों फिल्मों और टीवी सीरियल में काम किया, लेकिन सबसे लोकप्रिय उनका किरदार ‘रावण’ का ही रहा। उन्होंने राजनीति में भी अपना हुनर दिखाया था। उन्होंने अपने किरदार से भारतीय मानस पटल पर एक अमिट छाप छोड़ दी।