रायपुर : राजधानी के लोग गैंगबाजों के बीच में फंस गए है, कभी लॉरेंस गैंग के गुर्गे तो कभी अमन साहू, ऐसे ही राजधानी में पिछले चार दिनों में नौ-नौ हत्या की घटना से लोग अभी उबर भी नहीं पाए कि इसी दौरान शहर के सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों में से एक सेंट्रल जेल के बाहर फायरिंग की घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। जेल परिसर के बाहर फायरिंग की घटना को पुलिस गैंगवार से जोड़कर देख रही है, यह घटना सामने आने के बाद से जेल प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ है। इसकी वजह सेंट्रल जेल में दो माह पूर्व हुई चाकूबाजी की घटना बताई गई है। घायल साहिल ने भी पुलिस को बताया है कि जेल में चाकूबाजी की घटना के कारण उस पर जानलेवा हमला किया गया है।
दो माह पूर्व मौदहापारा के बदमाश साहिल पर फायरिंग की घटना में घायल शेख साहिल ने जेल में चाकू से हमला किया था। इस घटना के बाद मौदहापारा के बदमाश के साथी नाराज थे। इसका बदला लेने उन लोगों ने साहिल को मारने का प्लान बनाया था। मौदहापारा के बदमाश संतोषी नगर के साहिल पर नजर रख रहे थे। मौदहापारा के बदमाशों को जैसे ही पता चला साहिल अपने भाई से जेल में मुलाकात करने जा रहा है। बदमाश सोमवार को हथियार से लैस होकर सेंट्रल जेल के बाहर मंडराने लगे। इसके बाद मौका मिलते ही उन्होंने साहिल पर दो राउंड फायर किया और मौके से फरार हो गए।
बदमाशों ने चेहरा बांध कर रखा था। वहीं बाइक भी सेंट्रल जेल के उस पार खड़ी की थी। फायरिंग की इस घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश डिवाईडर फांदकर सड़क के दूसरी तरफ कूदे और सड़क की दूसरी तरफ रखी अपनी एक्टिवा से फरार हो गए। घटना के बाद जेल परिसर के बाहर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कम्प मच गया, लोग बदमाशों को पकड़ पाते, इसके पहले ही बदमाश फरार होने में कामयाब हो गए। साहिल के अनुसार वह जेल में अपने भाई से मिलने कभी नहीं गया था, वह पहली बार अपने भाई से मिलने पहुंचा था। वह अपने एक अन्य भाई शाहरुख को साथ लेकर जेल में अपने भाई शाहिद से मिलने के लिए गया था।
अस्पताल के बाहर गहमा-गहमी :
साहिल के परिचितों को जैसे ही फायरिंग की घटना की जानकारी मिली, उसके पड़ोस में रहने वाले तथा उसके परिचितों की अस्पताल परिसर के बाहर भीड़ लग गई। उनमें से कई साहिल से मिलने अस्पताल के अंदर जाने की कोशिश करने लगे, जिसे मौके पर उपस्थित सुरक्षा गार्ड अंदर जाने से रोकते नजर आए। इस घटना को लेकर जिस जगह फायरिंग की घटना घटित हुई है, वह जेल परिसर का बाहरी हिस्सा है। इसके साथ ही दौ सौ मीटर की दूरी पर गंज थाना के साथ क्राइम ब्रांच है। जेल प्रशासन जेल परिसर में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम होने का दावा करता है। फायरिंग की घटना से साबित हो गया कि पुलिस तथा जेल प्रशासन सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं, इस घटना से पोल खुल जाती है। वहीँ इस घटना से बदमाशों के हौंसले कितने बुलंद है, यह भी स्पष्ट हो रहा है।
मामला गंभीर हो सकता था :
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जानकारों के मुताबिक, जिस कट्टे से फायरिंग करने की बात सामने आई है, उस देशी कट्टे से अगर दूर से फायर किया जाता, तो मामला गंभीर हो सकता था। जानकारों के अनुसार 12 बोर के कट्टा से फायरिंग करने पर कारतूस का छर्रा तेजी से निकल कर फैलता है। नजदीक से फायरिंग होने की वजह से कारतूस से निकले छरें साहिल के चेहरे, छाती तथा गले में लगे, इस वजह से साहिल को ज्यादा जख्म नहीं आए। नहीं तो बड़ा घातक भी हो सकता था।
दोनों पक्षों के खिलाफ कई गंभीर अपराध :
एएसपी सिटी लखन पटले के मुताबिक फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले तथा फायरिंग की घटना में घायल के खिलाफ मौदहापारा, टिकरापारा थाना क्षेत्र में हत्या की कोशिश, एनडीपीएस, मारपीट सहित गंभीर अपराध दर्ज हैं। फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, साथ ही आरोपी भी गिरफ्तार कर लिये गये है, ये लोग सोशल मीडिया में खुद को डॉन बताते थे, पुलिस गिरफ्त में आने के बाद रोने लगा और दूसरा लंगड़ाते हुये चलने लगा। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ भी पूर्व में थाने में अपराध दर्ज हैं।
आईजी की बैठक के घंटे भर बाद फायरिंग :
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हाल के दिनों में घटित हत्या सहित अन्य गंभीर वारदातों को लेकर आईजी अमरेश मिश्रा ने सोमवार को सुबह 10 बजे एसएसपी सहित सभी थानों के टीआई तथा राजपत्रित पुलिस अफसरों की बैठक बुलाई थी। अपराधों पर अंकुश नहीं लगा पाने वाले अफसरों पर आईजी फटकार लगाकर जैसे ही फारिग हुए, उसके एक घंटे बाद जेल परिसर के बाहर फायरिंग की घटना हो गई।



