88 लाख की ऑनलाइन ठगी को दिया अंजाम, पहली बार पूरी राशि हुई होल्ड, सामने आया चौंकाने वाला मामला।

रायपुर : छत्तीसगढ़ के रायपुर में रेंज साईबर पुलिस ने ठगी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लुधियाना (पंजाब) निवासी गुरप्रीत सिंह, गरियाबंद निवासी अरुण सिन्हा व कमल किशोर नेताम ने शेयर ट्रेडिंग और सिम स्वैपिंग कर ठगी की थी। इन्होने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 88 लाख रुपये की बड़ी रकम की ऑनलाईन ठगी की थी, जिसका आरोपी गुरप्रीत केवल तीसरी पास है। वह लुधियाना में कपड़े की दुकान में काम करता था। गुरप्रीत ठगी की रकम निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का काम करता था। इसी मामले में पूर्व में भी उत्तर प्रदेश, बिहार, चेन्नई, कोलकाता से गिरफ्तारी हो चुकी है। पहली बार साइबर ठगी के मामले में पूरी राशि होल्ड कराई गई है।

उक्त मामले में जानकारी सामने आई है कि तेलीबांधा थाने में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक युवती से 88 लाख की ऑनलाईन ठगी हुई थी। ठगी का मामला दर्ज होने के बाद रेंज साईबर थाना की टीम ने जांच शुरू की और पूरे 88 लाख रुपए होल्ड करवा लिए गए। इसके एक आरोपी सहित अन्य मामलों के तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। अभी तक के ऐसे अपराधों में यह काफी बड़ी रकम है जो होल्ड करवाई जा सकी है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता रश्मि से शेयर ट्रेडिंग पर 88 लाख रुपए की ऑनलाईन ठगी हुई थी। मामले में ठगी की पूरी राशि होल्ड करा ली गई है। यह रायपुर का पहला मामला है।

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इसी तरह राखी थाने में दर्ज सिम स्वाईप करके ठगी करने के मामले में बिलासपुर से पुलिस ने कमल किशोर नेताम को गिरफ्तार किया है। आरोपी अन्य व्यक्तियों से बैंक खाता खुलवाकर अन्य आरोपियों को बेचता था। इसी तरह शेयर ट्रेडिंग के नाम पर नवीन कुमार से हुई ठगी के एक अन्य आरोपी अरुण सिन्हा को देवभोग गरियाबंद से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ठगी की रकम को यूएसडीटी के माध्यम से अन्य आरोपियों तक भेजता था। सिम स्वैप का सीधा मतलब सिम कार्ड को बदल देना या उसी नंबर से दूसरा सिम निकलवा लेना है। सिम स्वैपिंग में मोबाईल नंबर से एक नए सिम का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इसके बाद आपका सिम कार्ड बंद हो जाता है। ऐसे में ठग के पास आपके मोबाईल नंबर से सिम चालू हो जाती है। इसी का फायदा उठाकर वह ओटीपी मंगाता है और फिर आपके खाते से पैसे उड़ा लेता है।