बनारस (उ.प्र.) : उत्तर प्रदेश के जिला वाराणसी में एक कॉलेज के छात्रों ने कैंपस से मस्जिद हटाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया है, मामले ने बड़ा तुल पकड़ लिया है। यह मामला उदय प्रताप कॉलेज का है। शुक्रवार को सैकड़ों छात्र कॉलेज के गेट के पास जमा हुए और उन्होंने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए और भगवा झंडा लहराया। छात्रों ने जबरदस्ती कॉलेज कैंपस में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। छात्रों के नेता विवेकानंद सिंह ने कहा कि “जिस जमीन पर मस्जिद बनी है, अगर वह वक्फ की नहीं है तो इसे कॉलेज से हटाना चाहिए।” इस कार्य को जल्द से जल्द किया जाये।
नमाज के बदले में हनुमान चालीसा :
विवेकानंद सिंह ने कहा कि “अगर मस्जिद में नमाज जारी रही तो छात्र इसके जवाब में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।” एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि छात्रों का एक समूह इस मामले पर अपनी आवाज उठा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि “स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई, पुलिस ने मामले को संभाल लिया।” एसीपी ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों की पहचान की गई है। बढ़ता तनाव के बीच इन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इस मामले के बाद पुलिस ने कॉलेज कैंपस में बाहरी लोगों के आने जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। कैंपस में अब केवल पहचान पत्र के साथ बच्चों को एंट्री दी जाएगी। देशभर में मंदिरों पर बनी मस्जिदों को लेकर बवाल बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में एहतियात लगातार बरती जा रही है।
वक्फ से की गई मांग :
इससे पहले मंगलवार को कुछ छात्रों ने नमाज के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद शुक्रवार को जुमा के नमाज के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया। घटना को लेकर क्षेत्र की पुलिस ने बताया कि मंगलवार को विवाद के बाद पुलिस ने 7 लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में कॉलेज के छात्रों ने ‘छात्र अदालत’ से एक ग्रुप बनाया। ग्रुप ने एक लेटर में 11 प्वाइंट लिखे और इसे वक्फ बोर्ड के पास भेजा। छात्रों के ग्रुप में वक्फ से इस पर 15 दिन में जवाब मांगा है। इसमें छात्रों ने डिमांड की है कि वक्फ ये बताए कि मस्जिद की स्थिति क्या है और इसका मालिक कौन है? जिसको लेकर बड़े सवाल उठाये जा रहे है।
मस्जिद कमेटी का बयान :
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मस्जिद की कमेटी अंजुमन-ए-इंतेजामिया के सचिव मोहम्मद यासीन ने कहा कि उन्होंने इससे पहले उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड को एक खत लिख कर डिमांड की थी कि वह बताएं कि मस्जिद की क्या स्थिति है। यासीन ने दावा किया कि “उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड ने बताया कि मस्जिद को वक्फ संपत्ति बताने वाला उसका 2018 का नोटिस 18 जनवरी 2021 को रद्द किया गया। अभी जो विवाद है उसकी कोई वजह नहीं है।” वहीँ इस घटना के बाद यहां विवाद तब ज्यादा हुआ जब छात्रों ने कॉलेज के अंदर मस्जिद में बाहरी लोगों की एंट्री का हवाला देते हुए मस्जिद में ‘बाहरी लोगों’ के नमाज पढ़ने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।एक लोकल अधिकारी ने कहा है कि कॉलेज मैनेजमेंट इंतेजामिया के पास पहुंचा है। उसने मांग की है कि कॉलेज में एंट्री के लिए पहचान सत्यापित की जाए। इस मामले ने काफी तुल पकड़ लिया है।



