बढ़ती चोरियों के केस रुकेंगे कैसे? जब ज्वेलर्स की भी है मिलीभगत, लगातार खरीद रहे है चोरी का माल।

रायपुर : कोई माल चोरी करना अगर अपराध है तो उस माल को खरीदना भी अपराध की श्रेणी में माना गया है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में 25 चोरियां करने वाले गैंती गैंग से तीन ज्वेलर्स और कारीगर का भी कनेक्शन था। ये पहला मौका नहीं है, जब चोरी का माल खरीदने में ज्वेलरी कारोबारी का नाम सामने आया है। साल भर में 10 से ज्यादा ज्वेलरी कारोबारी चोरी का माल खरीदने के कारण जेल भी जा चुके हैं, लेकिन फिर भी वो ऐसी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। पुलिस ने तीनों से चोरी के 50 लाख से ज्यादा के सोने-चांदी के गहने बरामद कर चुकी है। दरअसल चोरी के बाद सोने-चांदी के जेवरों को चोर ज्वेलरी कारोबारियों को आधे से भी कम रेट में बेचने को तैयार रहते हैं। कारोबारी इसी का फायदा उठाते हैं और चोरी का माल कम से कम रेट में खरीदते हैं। चोरी का माल ज्वेलरी कारोबारियों द्वारा खरीदने के मामले लगातार बढ़ने लगे हैं। ऐसे में चोरियां कैसे रुकेंगी ये बड़ा सवाल है।

आईजी ने दी है चेतावनी :

आईजी अमरेश मिश्रा ने चोरी का माल खरीदने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बिना बिल या चोरी के जेवर खरीदने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। गैंती गैंग के चोरों से माल खरीदने वाले ज्वेलर्स और कारीगर के खिलाफ कार्यवाही की गई है। चोरी के मामलों में कारोबारियों की संलिप्तता पाए जाने पर आगे भी कार्यवाही की जाएगी। ऐसे ही कई मामलों में चोरी का माल खपाने के लिये दुकानदारों की संलिप्तता पाई गई है, जिन पर पुलिस ने कई बार कार्यवाही भी की है।

दूसरे राज्य का भी खप रहा माल :

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रायपुर में पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात, राजस्थान के कई कारीगर और ज्वेलर्स हैं। चोरी छिपे वहां के चोरी के सोने-चांदी भी रायपुर पहुंचाते हैं। इन्हीं को कम कीमत में खरीदकर गला दिया जाता है। पश्चिम बंगाल के कई कारीगर सोना-चांदी गलाने का काम करते हैं। उनका सत्यापन भी नहीं किया जाता है। चोरी के अलावा तस्करी का माल भी बड़ी मात्रा में रायपुर पहुंचता है। चोर और ज्वेलरी कारोबारियों के बीच दलाल भी सक्रिय हैं। ये चोरों से चोरी के सोने-चांदी लेकर कारोबारियों को बेचते हैं। चोरी के माल को खपाने का यह काफी बड़ा कारोबार बन चुका है।