नई दिल्ली : लगातार बढ़ते रिचार्ज ने मोबाईल ग्राहकों की कमी कर दी है, पहले जब अधिकतर लोग 3 – 4 सिम चलाते थे तो उन्हें अब लोगों ने बंद कर दिया है, जब से हर माह का रिचार्ज जरुरी हो गया है, वहीँ अब रिचार्ज के दाम बढ़ने से बचे कुचे दो सिम वाले ग्राहक भी कम हो रहे है। रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (वीआई) ने जुलाई में रिचार्ज की कीमत में वृद्धि किया था, इसके बाद से ही मोबाईल प्रयोगकर्ताओं ने जियो, एयरटेल और वीआई से दूरी बनानी शुरू कर दी थी, जिससे इन कंपनियों ने 3 माह में ही 1.68 करोड़ से अधिक ग्राहक खो दिए है, इनसे इनका काफी बड़ा नुकसान हुआ है।
सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस जियो को हुआ जिसके सबसे ज्यादा ग्राहक, अब इसके ग्राहकों की संख्या 1.27 करोड़ घट गई है। एयरटेल के भी 56 लाख से अधिक ग्राहक घट गए। वोडाफोन को 48 लाख से अधिक ग्राहकों को नुकसान हुआ तो वहीं बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है और 63 लाख नए उपभोक्ता सरकारी कंपनी से जुड़े है। ग्राहकों की संख्या घटने के बावजूद टैरिफ में बढ़ोतरी होने से प्रति प्रयोगकर्ता टेलीकॉम कंपनियों की कमाई में वृद्धि हुई है। सितंबर तिमाही में एयरटेल का प्रति प्रयोगकर्ता राजस्व (एआरपीयू) बढ़कर 233 रुपए हो गया है। अब इस मामले में टेलीकॉम सूत्रों का कहना है कि कंपनियां मोबाईल रिचार्ज और महंगा करके और ग्राहकों के खोने का जोखिम उठाने के तैयार नहीं है। बीएसएनएल के चेयरमैन रॉबर्ट जे रवि ने कहा, कंपनी भविष्य में टैरिफ बढ़ाने का इरादा नहीं रखती है। वहीँ आपको बता दें कि जिओ के आने के बाद तीन सालों में एक बार ही वृद्धि होती है, ऐसे में अब जब एलन मस्क की कंपनी का प्रवेश इस क्षेत्र में होगा तो ग्राहकों को लाभ मिल सकता है।
बीएसएनएल की रफ्तार पर लगा ब्रेक :
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टैरिफ बढ़ोतरी के बाद बीएसएनएल लोगों की पहली पसंद बन गया था। बड़ी संख्या में प्रयोगकर्ताओं ने बिना सोचे समझे अपना नंबर बीएसएनएल में पोर्ट कराया था। लेकिन अब बीएसएनएल में पोर्ट कराने की रफ्तार पर ब्रेक लगा है, और अब कई प्रयोगकर्ता वापसी करने के मूड में है। बीएसएनएल के खराब नेटवर्क और 4जी-5जी की गैरमौजूदगी की वजह से प्रयोगकर्ता बीएसएनएल में पोर्ट से कराने से बच रहे हैं। बीएसएनएल का हाल आज भी वैसा ही है।



