भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती।

नई दिल्ली : लालकृष्ण आडवाणी का जन्म : 8 नवम्बर 1927 को हुआ था, वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राजनीति में एक प्रमुख पार्टी बनाने में उनका योगदान सर्वोपरि कहा जा सकता है। वे कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके है। भाजपा के इस दिग्गज नेता व पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत अब बिगड़ गई है। शनिवार को उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। न्यूरोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर विनीत सूरी की देखरेख में श्री आडवाणी का इलाज किया जा रहा है। 

स्थिर है उनका स्वास्थ्य :

लालकृष्ण आडवाणी वर्तमान में 97 साल के हैं। पिछले 4-5 महीनों के अंदर वो करीब चौथी बार अस्पताल में भर्ती हुए हैं। खास रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनका स्वास्थ्य स्थिर बना हुआ है, कोई दिक्कत नहीं है ऐसा बताया गया है। बढ़ती उम्र के साथ आडवाणी को बार-बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस साल उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जुलाई में दिल्ली एम्स से छुट्टी मिलने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें अपोलो में भर्ती कराया गया था।

वाजपेयी की सरकार में रहे उप प्रधानमंत्री :

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आडवाणी साल 2002 से 2004 तक प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया है, उन्होंने नैतिकता के आधार पर अटल जी से कहा आप प्रधानमंत्री बनिये जबकि अर्ल जी ने भी अडवानी जी को प्रधानमंत्री बनने की बात कही जिसके बाद अडवाणी जी उप प्रधानमंत्री बनने को राजी हुये, ऐसी थी दोनों की नैतिकता। 1980 में जनता पार्टी के विघटन के बाद आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की थी। दोनों ने मिलकर पार्टी की विचारधारा को आकार देने और पूरे भारत में इसके प्रभाव को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

1990 में रथ यात्रा का किया नेतृत्व :

आडवाणी के राजनीतिक जीवन में मील का पत्थर राम जन्मभूमि आंदोलन का उनका नेतृत्व था। अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की वकालत करते हुए उनकी 1990 की रथ यात्रा ने हिंदू राष्ट्रवादी भावनाओं को उभारा और उन्हें एक प्रमुख जन नेता के रूप में स्थापित किया। यह यात्रा उनके लिये बड़ी जान जोखिम में डालने वाली यात्रा थी, आज राम मंदिर निर्माण का श्रेय जिन प्रमुख लोगों को जाता है, उनमें अडवाणी जी का नाम भी बड़े ही सम्मान से लिया जाता है।